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बचना ए हसीनों पर मिंजर में झूमे लोग
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
Updated Thu, 28 Jul 2016 10:10 PM IST
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हिमाचली और हिंदी गानों से सजी मिंजर मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। हिमाचली गायक हेमंत शर्मा ने नाटियों से समां बांधा। उन्होंने ओ वे लाली ऐ हो, रोहड़ू जाना मेरी आमिये, बोतलां फूटी, लागी-लागी किन्नौरा री व अच्छा लागा रिड़िया रा धातु प्रेश आदि गाने गाए।
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विरेंद्र म्यूजिकल ग्रुप नगरोटा सूरियां ने प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटौरी। इससे पूर्व मिंजर मेले की संध्या की शुरूआत उत्तम चंद के मुसाधा गायन से हुई। इसके बाद सावन जरियाल और आनंदिता ने धमाकेदार प्रस्तुति देकर समां बांधा। इसके बाद नितिन तोमर ने पहाड़ी नाटी ओए तो लायां मेरी बांठन चांदी छल्ला, आ जा रे आ जा रे, किसेरे बहाने आईओ जैसे हिमाचली गीत गाकर अपनी प्रतिभा का जादू बिखेरा। सांस्कृतिक संध्या में नरोत्तम म्यूजिकल ग्रुप ने भी स्थानीय संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम पेश करके वाहवाही लूटी। राम किशन कला मंच साहो ने डाल दर्जिया खेड़ कमीज मेरी गोजरी गाना और नृत्य करके गोजरी संस्कृति से लोगों को अवगत करवाया।
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तत्पश्चात कुंजड़ी मल्हार ने दर्शकों को प्राइम टाइम की प्रस्तुति के लिए पंडाल में खींचने का बखूबी काम किया। बाद नूरपुर लोक मंच ने हिमाचली संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम पेश किया। प्रभजोत ने अपनी आवाज के जादू से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद प्राइम टाइम में विशाखा ज्योति ने एक के बाद धमाकेदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की तालियां बटोरी। पहला नशा पहला प्यार, जीना-जीना, मिलने है मुझसे आई, जग घुमया, बचना ए हसीनों लो मैं आ गया, ओम शांति ओम, तू मेरा हिरो गीत पेश कर खूब तालियां बटोरी।
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