भरमौर(चंबा)। मणिमहेश यात्रा के दौरान राधाष्टमी को होने वाले शाही स्नान में इस मर्तबा कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते धार्मिक रस्मों का सीमित रूप से निर्वहन किया जाएगा। आम जनमानस को यात्रा पर जाने की पूर्ण रूप से मनाही है। यात्रा के स्वरूप को लेकर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर व मणिमहेश ट्रस्ट के अध्यक्ष पीपी सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि डल झील पर इस बार सीमित रूप से शिव चेलों द्वारा डल तोड़ने (शाही स्नान ) की रस्म की अदायगी के साथ पूजा अर्चना होग। किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान नवाला इत्यादि आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी। एडीएम भरमौर ने बताया कि चंबा से दशनामी अखाड़ा चंबा की देव छड़ी के 11 मुख्य कारदारों व शिव उपासकों को अनुमति चंबा प्रशासन द्वारा राधा अष्टमी के शाही स्नान के लिए प्रदान की गई है। भरमौर प्रशासन द्वारा कार्तिक स्वामी कुगति के 4 चेले, हड़सर के चार पुजारियों को तथा ग्राम पंचायत सचूईं के 12 शिव चेलों को व चार वाद्य यंत्रों को डल झील पर जाने की अनुमति प्रदान की गई है। धनछो व डल झील पर पर्वतारोहण संस्थान भरमौर द्वारा लगाए गए टेंटों में रहने की व्यवस्था 26 अगस्त तक रहेगी। अन्य किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। धनछो व डल झील पर भोजन की व्यवस्था पर्वतारोहण संस्थान भरमौर की ओर से सादा भोजन तीन टाइम 160 रुपये की दर पर उपलब्ध रहेगा। ड्यूटी पर तैनात अधिकारी व कर्मचारियों के लिए तथा रस्मों रिवाज से जुड़े अनुमति प्राप्त देव छड़ी बरदार, गुरु, चेले, पुजारियों के लिए निर्धारित दर पर भोजन व्यवस्था की गई है। यात्रा के दौरान शारीरिक दूरी व फेस मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। पुलिस विभाग के कर्मी कानून व्यवस्था, संचार सुविधा के साथ तथा बिजली पानी की व्यवस्था का भी समुचित प्रबंध के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक व कर्मी धनछो, डल झील पर तैनात रहेंगे। डल झील पर नायब तहसीलदार होली बतौर सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा रेस्क्यू टीम भी तैनात रहेगी।