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मलेरिया जानलेवा लेकिन पूर्णत: रोकी जाने वाली बीमारी : डॉ. जालम
Sat, 25 Apr 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 25 Apr 2026 10:57 PM IST
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विश्व मलेरिया दिवस पर मैहला में आयोजित हुआ जिला स्तरीय कार्यक्रम
बीमारी के फैलने और बचाव के बारे में आशा वर्करों को दिया गया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विश्व मलेरिया दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैहला हुआ। जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में जागरूकता शिविर लगाए गए।
इनमें लोगों को मलेरिया के बारे में जागरूक किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य खंड चूड़ी के अंतर्गत आने वाली सीएचओ और आशा वर्करों ने भाग लिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने सभी से अपील की कि सब मिलकर मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहें। रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मलेरिया एक जानलेवा लेकिन पूर्णतः रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। जैसे ही ऐसे लक्षण दिखाई दें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और चिकित्सकीय सलाह लें। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि मलेरिया, मच्छर के काटने से होने वाली जानलेवा बीमारी है। ध्यान रखें कि अपने घर और आस-पास नालियों और गड्ढों में पानी इकट्ठा न होने दें। पुराने टायरों को बिखरा न पड़ा रहने दें, सप्ताह में एक बार पशु पक्षियों के पानी के बर्तन अवश्य साफ करें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें, पानी के बर्तन, टंकी इत्यादि पूरी तरह ढक कर रखें। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव राज तथा बीसीसी समन्वयक दीपक जोशी भी उपस्थित रहे।
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बीमारी के फैलने और बचाव के बारे में आशा वर्करों को दिया गया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विश्व मलेरिया दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैहला हुआ। जिले के सभी स्वास्थ्य खंडों में जागरूकता शिविर लगाए गए।
इनमें लोगों को मलेरिया के बारे में जागरूक किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य खंड चूड़ी के अंतर्गत आने वाली सीएचओ और आशा वर्करों ने भाग लिया।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह भारद्वाज ने सभी से अपील की कि सब मिलकर मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहें। रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मलेरिया एक जानलेवा लेकिन पूर्णतः रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यह संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी शामिल हैं। यदि समय पर उपचार न मिले तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। जैसे ही ऐसे लक्षण दिखाई दें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं और चिकित्सकीय सलाह लें। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने बताया कि मलेरिया, मच्छर के काटने से होने वाली जानलेवा बीमारी है। ध्यान रखें कि अपने घर और आस-पास नालियों और गड्ढों में पानी इकट्ठा न होने दें। पुराने टायरों को बिखरा न पड़ा रहने दें, सप्ताह में एक बार पशु पक्षियों के पानी के बर्तन अवश्य साफ करें। कूलर का पानी सप्ताह में एक बार जरूर बदलें, पानी के बर्तन, टंकी इत्यादि पूरी तरह ढक कर रखें। इस अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव राज तथा बीसीसी समन्वयक दीपक जोशी भी उपस्थित रहे।
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