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Chamba News: महंगाई के साथ बढ़ा गुजारा भत्ता, पत्नी और बेटी के लिए अब 8500 रुपये महीना
Mon, 28 Sep 2026 10:24 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 28 Sep 2026 10:24 PM IST
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तीसा की अदालत ने 2013 के आदेश में किया संशोधन, बेटी की पढ़ाई और बढ़े खर्च को माना परिस्थितियों में बदलाव
पत्नी के लिए 3500 और नाबालिग बेटी के लिए 5000 रुपये तय, आदेश की तारीख से देय होगी बढ़ी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बढ़ती महंगाई और परिवार की बदली जरूरतों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तीसा की अदालत ने पत्नी और नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते में बढ़ोतरी की है।
अदालत ने पत्नी के लिए 3500 रुपये और बेटी के लिए 5000 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि तय की है। अब दोनों को कुल 8500 रुपये मासिक गुजारा भत्ता मिलेगा। यह राशि आदेश की तारीख से देय होगी।
मामला घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत दायर शिकायत से जुड़ा है। वर्ष 2013 में पारित आदेश में पत्नी और बेटी के लिए कुल 2500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता निर्धारित किया गया था। बाद में पत्नी ने परिस्थितियों में बदलाव और महंगाई बढ़ने का हवाला देते हुए राशि बढ़ाने के लिए आवेदन किया। उसने बताया कि वह गृहिणी हैं और उनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है। बेटी स्कूल में पढ़ रही है और उसकी शिक्षा के साथ रोजमर्रा की जरूरतों, बीमारी व अन्य खर्चों का भार बढ़ गया है। पत्नी ने दोनों के लिए 7500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता किए जाने की मांग की थी।
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प्रतिवादी ने आवेदन का विरोध करते हुए अपनी मासिक आय 4000 से 5000 रुपये के बीच बताई। उसने मजदूरी की आय नियमित न होने और बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी होने का हवाला दिया। अदालत में 48 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाणपत्र भी पेश किया गया।
अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 25(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि परिस्थितियों में बदलाव होने पर पूर्व आदेश में संशोधन किया जा सकता है। अदालत ने महंगाई, बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को परिस्थितियों में बदलाव माना। साथ ही स्पष्ट किया कि पत्नी और बेटी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से प्रतिवादी मुक्त नहीं हो सकता। इसके बाद आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बढ़ी हुई राशि निर्धारित की गई।
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पत्नी के लिए 3500 और नाबालिग बेटी के लिए 5000 रुपये तय, आदेश की तारीख से देय होगी बढ़ी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बढ़ती महंगाई और परिवार की बदली जरूरतों को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तीसा की अदालत ने पत्नी और नाबालिग बेटी के गुजारा भत्ते में बढ़ोतरी की है।
अदालत ने पत्नी के लिए 3500 रुपये और बेटी के लिए 5000 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि तय की है। अब दोनों को कुल 8500 रुपये मासिक गुजारा भत्ता मिलेगा। यह राशि आदेश की तारीख से देय होगी।
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मामला घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत दायर शिकायत से जुड़ा है। वर्ष 2013 में पारित आदेश में पत्नी और बेटी के लिए कुल 2500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता निर्धारित किया गया था। बाद में पत्नी ने परिस्थितियों में बदलाव और महंगाई बढ़ने का हवाला देते हुए राशि बढ़ाने के लिए आवेदन किया। उसने बताया कि वह गृहिणी हैं और उनकी कोई स्वतंत्र आय नहीं है। बेटी स्कूल में पढ़ रही है और उसकी शिक्षा के साथ रोजमर्रा की जरूरतों, बीमारी व अन्य खर्चों का भार बढ़ गया है। पत्नी ने दोनों के लिए 7500 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता किए जाने की मांग की थी।
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प्रतिवादी ने आवेदन का विरोध करते हुए अपनी मासिक आय 4000 से 5000 रुपये के बीच बताई। उसने मजदूरी की आय नियमित न होने और बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी होने का हवाला दिया। अदालत में 48 हजार रुपये सालाना आय का प्रमाणपत्र भी पेश किया गया।
अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 25(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि परिस्थितियों में बदलाव होने पर पूर्व आदेश में संशोधन किया जा सकता है। अदालत ने महंगाई, बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को परिस्थितियों में बदलाव माना। साथ ही स्पष्ट किया कि पत्नी और बेटी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से प्रतिवादी मुक्त नहीं हो सकता। इसके बाद आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बढ़ी हुई राशि निर्धारित की गई।