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Chamba News: मशीन फांक रही धूल, मरीज महंगे टेस्ट करवाने के लिए मजबूर
Thu, 05 Dec 2024 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 05 Dec 2024 10:52 PM IST
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चंबा। आकांक्षी जिला चंबा के मेडिकल कॉलेज में 40 लाख रुपये की मशीन के धूल फांकने के कारण मरीजों को 1,000 से 1,500 रुपये देकर अपने टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। कोगुलेशन टेस्ट मशीन को दो वर्ष पहले आकांक्षी जिला के मरीजों की सुविधा के लिए खरीदा गया था। लेकिन, यह मशीन लैब तकनीशियन की कमी से आज दिन तक चालू नहीं हो पाई है। यही कारण है कि मरीजों को कोगुलेशन टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन से पूर्व मरीज को यह टेस्ट करवाना ही पड़ता है। इस टेस्ट के जरिये पता लगाया जाता है कि मरीज के खून के थक्के तो नहीं जमे हुए हैं। ताकि ऑपरेशन के दौरान मरीज को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
चंबा मेडिकल कॉलेज में हर दिन किसी न किसी मरीज का ऑपरेशन होता है। क्योंकि यहां पर लगभग सभी बीमारियों के विशेषज्ञ मौजूद हैं। जोकि अपने तय दिन पर मरीजों के ऑपरेशन करते हैं। इन मरीजों को ऑपरेशन से पूर्व कोगुलेशन टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। लेकिन, मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इस टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पाती।
परिचर्चा:-
आकांक्षी जिला में पहले से सरकार स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने में कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में 40 लाख की खरीदी हुई मशीन का मरीजों का लाभ नहीं मिलना चिंता का विषय है। प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
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किशन चंद, स्थानीय निवासी
यदि सरकार ने 40 लाख खर्च करके मशीन चंबा पहुंचा दी तो उसे चलाने के लिए स्टाफ की भी तैनाती करनी चाहिए। ताकि चंबा के लोगों को इस मशीन का लाभ मिल सके।
महबूब खान, तीमारदार, चंबा
कोगुलेशन मशीन होने के बावजूद भी मरीजों को अपना टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे गरीब मरीज टेस्ट के नाम पर लुट रहे हैं। सरकार काे शीघ्र मशीन चलाने के लिए कर्मचारी नियुक्त करना चाहिए।
गुलाम हुसैन, तीमारदार, चंबा
मेडिकल कॉलेज जिला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं। ऐसे में यहां इतनी महत्वपूर्ण मशीन बंद नहीं रहनी चाहिए। सरकार और प्रशासन को इस दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए।
रतो देवी, स्थानीय निवासी
मेडिकल कॉलेज चंबा के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि शीघ्र ही कोगुलेशन मशीन को संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी।
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चंबा मेडिकल कॉलेज में हर दिन किसी न किसी मरीज का ऑपरेशन होता है। क्योंकि यहां पर लगभग सभी बीमारियों के विशेषज्ञ मौजूद हैं। जोकि अपने तय दिन पर मरीजों के ऑपरेशन करते हैं। इन मरीजों को ऑपरेशन से पूर्व कोगुलेशन टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है। लेकिन, मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इस टेस्ट की सुविधा नहीं मिल पाती।
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परिचर्चा:-
आकांक्षी जिला में पहले से सरकार स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने में कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे में 40 लाख की खरीदी हुई मशीन का मरीजों का लाभ नहीं मिलना चिंता का विषय है। प्रशासन को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।
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किशन चंद, स्थानीय निवासी
यदि सरकार ने 40 लाख खर्च करके मशीन चंबा पहुंचा दी तो उसे चलाने के लिए स्टाफ की भी तैनाती करनी चाहिए। ताकि चंबा के लोगों को इस मशीन का लाभ मिल सके।
महबूब खान, तीमारदार, चंबा
कोगुलेशन मशीन होने के बावजूद भी मरीजों को अपना टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे गरीब मरीज टेस्ट के नाम पर लुट रहे हैं। सरकार काे शीघ्र मशीन चलाने के लिए कर्मचारी नियुक्त करना चाहिए।
गुलाम हुसैन, तीमारदार, चंबा
मेडिकल कॉलेज जिला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान हैं। ऐसे में यहां इतनी महत्वपूर्ण मशीन बंद नहीं रहनी चाहिए। सरकार और प्रशासन को इस दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए।
रतो देवी, स्थानीय निवासी
मेडिकल कॉलेज चंबा के कार्यकारी प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि शीघ्र ही कोगुलेशन मशीन को संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी।