{"_id":"66d492131cf19328aa041613","slug":"lock-of-priungal-sub-health-center-not-opened-after-inauguration-chamba-news-c-88-1-ssml1006-132191-2024-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: उद्घाटन के बाद नहीं खुला प्रियुंगल उप स्वास्थ्य केंद्र का ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: उद्घाटन के बाद नहीं खुला प्रियुंगल उप स्वास्थ्य केंद्र का ताला
Sun, 01 Sep 2024 09:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 01 Sep 2024 09:40 PM IST
विज्ञापन
सलूणी (चंबा)। जिले की सबसे दुर्गम पंचायत भांदल के प्रियुंगल और लंगेरा वार्ड के लोगों को सिर दर्द की दवा लेने के लिए भी 25 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे नजदीक कहीं भी कोई स्वास्थ्य संस्थान नहीं है।
ऐसा नहीं है कि सरकार ने प्रियुंगल में कोई स्वास्थ्य संस्थान नहीं खोला है, बल्कि दस वर्ष पहले यहां स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला गया था। इस केंद्र का भवन बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। भवन का उद्घाटन भी किया गया, लेकिन उद्घाटन के बाद भवन पर लटका ताला आज तक नहीं खुल पाया है।
यही कारण है कि लंगेरा और प्रियुंगल के लोगों को हल्के से हल्के मर्ज की दवा लेने के लिए भी 25 किमी दूर किहार अस्पताल जाना पड़ रहा है। हैरानी इस बात की है कि न तो भाजपा सरकार इस ताले को खुलवा पाई और न ही कांग्रेस की सरकार दो साल में इसे खोल पाई है। ऐसे में अब लोग इस ताले के खुलने की उम्मीद को ही छोड़ चुके हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, पवन कुमार, हंसराज, सतीश कुमार, रविंद्र, राजेंद्र और मान सिंह ने बताया कि प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट तैनात करने का प्रावधान किया गया था। इसके साथ विभिन्न बीमारियों की दवाई रखने का भी प्रावधान था। उद्घाटन के बाद दो वार्डों में रहने वाली 500 आबादी में इस बात की खुशी थी कि उन्हें छोटी-मोटी बीमारी की दवाई के लिए किहार नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन कुछ दिन बाद ही उनकी खुशी मायूसी में बदल गई। इस उपकेंद्र का उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि इस उपकेंद्र को शीघ्र शुरू किया जाएगा। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र को चालू करवाने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।
--
विज्ञापन
ऐसा नहीं है कि सरकार ने प्रियुंगल में कोई स्वास्थ्य संस्थान नहीं खोला है, बल्कि दस वर्ष पहले यहां स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला गया था। इस केंद्र का भवन बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। भवन का उद्घाटन भी किया गया, लेकिन उद्घाटन के बाद भवन पर लटका ताला आज तक नहीं खुल पाया है।
विज्ञापन
यही कारण है कि लंगेरा और प्रियुंगल के लोगों को हल्के से हल्के मर्ज की दवा लेने के लिए भी 25 किमी दूर किहार अस्पताल जाना पड़ रहा है। हैरानी इस बात की है कि न तो भाजपा सरकार इस ताले को खुलवा पाई और न ही कांग्रेस की सरकार दो साल में इसे खोल पाई है। ऐसे में अब लोग इस ताले के खुलने की उम्मीद को ही छोड़ चुके हैं।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी अशोक कुमार, पवन कुमार, हंसराज, सतीश कुमार, रविंद्र, राजेंद्र और मान सिंह ने बताया कि प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र में स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट तैनात करने का प्रावधान किया गया था। इसके साथ विभिन्न बीमारियों की दवाई रखने का भी प्रावधान था। उद्घाटन के बाद दो वार्डों में रहने वाली 500 आबादी में इस बात की खुशी थी कि उन्हें छोटी-मोटी बीमारी की दवाई के लिए किहार नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन कुछ दिन बाद ही उनकी खुशी मायूसी में बदल गई। इस उपकेंद्र का उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। उन्होंने सरकार और विभाग से मांग की है कि इस उपकेंद्र को शीघ्र शुरू किया जाएगा। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि प्रियुंगल स्वास्थ्य उपकेंद्र को चालू करवाने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।