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Chamba News: मणिमहेश यात्रा में इस बार लंगर सूने, श्रद्धालुओं की राह ताक रहे सेवादार
Sun, 06 Sep 2026 10:46 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 06 Sep 2026 10:46 PM IST
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मैहला-कुरांह में पंजाब से पहुंची लंगर समितियों ने सजाए भंडारे, पिछले साल की आपदा और नेपाल हादसे का असर
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। मणिमहेश यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की कम भीड़ का असर लंगर समितियों पर भी दिखाई दे रहा है। मैहला और कुरांह में पंजाब से पहुंची लंगर समितियों ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भंडारे सजा दिए हैं। भोजन तैयार है और सेवादार दिनभर सेवा के लिए मौजूद हैं लेकिन लंगर स्थलों पर श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंच रही है।
लंगर समिति के सदस्य रूबी और हैपी ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं। इस बार पहली बार लंगर में श्रद्धालुओं की आवाजाही इतनी कम नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि समिति दूर पंजाब से सेवा के लिए पहुंची है और पूरी तैयारी की गई है लेकिन अपेक्षा के मुताबिक श्रद्धालु लंगर तक नहीं पहुंच रहे हैं। कई बार लंबे समय तक लंगर स्थल पर गिने-चुने श्रद्धालु ही पहुंचते हैं।
सेवादारों का कहना है कि पिछले वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान आई आपदा का असर इस बार भी श्रद्धालुओं के मन में दिखाई दे रहा है। खराब मौसम और आपदा के कारण पिछले साल कई श्रद्धालु रास्तों में फंस गए थे और उन्हें लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा नेपाल में हुए हादसे और आपदा की खबरों ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है।
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हालांकि, इस बार यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं बेहतर नजर आ रही हैं और लंगर समितियां भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद कम संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से लंगर संचालक उनकी राह ताकते नजर आ रहे हैं।
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मैहला (चंबा)। मणिमहेश यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की कम भीड़ का असर लंगर समितियों पर भी दिखाई दे रहा है। मैहला और कुरांह में पंजाब से पहुंची लंगर समितियों ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भंडारे सजा दिए हैं। भोजन तैयार है और सेवादार दिनभर सेवा के लिए मौजूद हैं लेकिन लंगर स्थलों पर श्रद्धालुओं की अपेक्षित भीड़ नहीं पहुंच रही है।
लंगर समिति के सदस्य रूबी और हैपी ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से मणिमहेश यात्रा के दौरान लंगर लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा कर रहे हैं। इस बार पहली बार लंगर में श्रद्धालुओं की आवाजाही इतनी कम नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि समिति दूर पंजाब से सेवा के लिए पहुंची है और पूरी तैयारी की गई है लेकिन अपेक्षा के मुताबिक श्रद्धालु लंगर तक नहीं पहुंच रहे हैं। कई बार लंबे समय तक लंगर स्थल पर गिने-चुने श्रद्धालु ही पहुंचते हैं।
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सेवादारों का कहना है कि पिछले वर्ष मणिमहेश यात्रा के दौरान आई आपदा का असर इस बार भी श्रद्धालुओं के मन में दिखाई दे रहा है। खराब मौसम और आपदा के कारण पिछले साल कई श्रद्धालु रास्तों में फंस गए थे और उन्हें लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा नेपाल में हुए हादसे और आपदा की खबरों ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है।
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हालांकि, इस बार यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं बेहतर नजर आ रही हैं और लंगर समितियां भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद कम संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से लंगर संचालक उनकी राह ताकते नजर आ रहे हैं।