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Chamba News: स्कूल मैदानों में गूंजेगा जोर लगाके हाईशा, पहली बार रस्साकशी और रग्बी की एंट्री
Sun, 23 Aug 2026 09:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 23 Aug 2026 09:45 PM IST
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अंडर-19 स्कूली प्रतियोगिताओं में दो नए खेल शामिल, विद्यार्थियों को ताकत और कौशल दिखाने का मिलेगा मंच
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के खेल मैदानों में इस बार मुकाबलों का रोमांच और बढ़ने वाला है। अंडर-19 स्कूली छात्र प्रतियोगिताओं में पहली बार रस्साकशी और रग्बी को शामिल किया जा रहा है। नए खेलों की एंट्री से विद्यार्थियों को अपनी शारीरिक क्षमता, कौशल और टीम भावना प्रदर्शित करने का नया मंच मिलेगा। अब जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के बीच रस्साकशी और रग्बी के मुकाबले भी देखने को मिलेंगे।
रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेल को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मुकाबले में खिलाड़ियों को ताकत के साथ बेहतर तालमेल, अनुशासन और रणनीति का प्रदर्शन करना होगा। एक टीम के रूप में सामंजस्य बनाकर प्रतिद्वंद्वी टीम को अपनी ओर खींचना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण अनुभव रहेगा।
रग्बी को पहली बार स्कूली प्रतियोगिताओं में शामिल किए जाने से विद्यार्थियों को एक नए और तेज गति वाले खेल में प्रतिभा आजमाने का मौका मिलेगा। शारीरिक फिटनेस, गति, ताकत और तकनीकी कौशल इस खेल में महत्वपूर्ण होंगे। स्कूल स्तर पर रग्बी को बढ़ावा मिलने से प्रदेश में इस खेल के लिए नई प्रतिभाओं को तलाशने का रास्ता भी खुलेगा।
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दोनों खेलों के जुड़ने से स्कूली प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। खेलों का दायरा बढ़ने से विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग खेल चुनने का अवसर मिलेगा। साथ ही पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए उन्हें बेहतर मंच मिल सकेगा।
सहायक उच्च शारीरिक शिक्षा अधिकारी योगेश चौणा ने बताया कि इस बार अंडर-19 प्रतियोगिताओं में रस्साकशी और रग्बी को नए खेल के तौर पर शामिल किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी दोनों खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के खेल मैदानों में इस बार मुकाबलों का रोमांच और बढ़ने वाला है। अंडर-19 स्कूली छात्र प्रतियोगिताओं में पहली बार रस्साकशी और रग्बी को शामिल किया जा रहा है। नए खेलों की एंट्री से विद्यार्थियों को अपनी शारीरिक क्षमता, कौशल और टीम भावना प्रदर्शित करने का नया मंच मिलेगा। अब जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के बीच रस्साकशी और रग्बी के मुकाबले भी देखने को मिलेंगे।
रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेल को प्रतियोगिता का हिस्सा बनाने से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। मुकाबले में खिलाड़ियों को ताकत के साथ बेहतर तालमेल, अनुशासन और रणनीति का प्रदर्शन करना होगा। एक टीम के रूप में सामंजस्य बनाकर प्रतिद्वंद्वी टीम को अपनी ओर खींचना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण अनुभव रहेगा।
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रग्बी को पहली बार स्कूली प्रतियोगिताओं में शामिल किए जाने से विद्यार्थियों को एक नए और तेज गति वाले खेल में प्रतिभा आजमाने का मौका मिलेगा। शारीरिक फिटनेस, गति, ताकत और तकनीकी कौशल इस खेल में महत्वपूर्ण होंगे। स्कूल स्तर पर रग्बी को बढ़ावा मिलने से प्रदेश में इस खेल के लिए नई प्रतिभाओं को तलाशने का रास्ता भी खुलेगा।
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दोनों खेलों के जुड़ने से स्कूली प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। खेलों का दायरा बढ़ने से विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार अलग-अलग खेल चुनने का अवसर मिलेगा। साथ ही पढ़ाई के साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए उन्हें बेहतर मंच मिल सकेगा।
सहायक उच्च शारीरिक शिक्षा अधिकारी योगेश चौणा ने बताया कि इस बार अंडर-19 प्रतियोगिताओं में रस्साकशी और रग्बी को नए खेल के तौर पर शामिल किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी दोनों खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे।