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भाजपा विधायक बीके चौहान ने प्रशासन को लौटाए मिंजर मेले के निमंत्रण पत्र
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
Updated Fri, 22 Jul 2016 10:24 PM IST
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सदर भाजपा विधायक बीके चौहान ने मिंजर निमंत्रण पत्र प्रशासन को वापस लौटा दिए हैं। उनके समर्थकों ने शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर पहले खूब हंगामा किया और उसके बाद निमंत्रण पत्र उपायुक्त के हवाले कर दिए।
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प्रशासन ने विधायक बीके चौहान के नाम से करीब सौ निमंत्रण पत्र उनके निवास स्थान पर भेजे थे ताकि विधायक इन निमंत्रण पत्रों को भाजपा कार्यकर्ता व उनके परिवार तक पहुंचा सकें। लेकिन भाजपा विधायक बीके चौहान प्रशासन के इस प्रयास से नाराज हो गए। विधायक के समर्थकों ने प्रशासन पर उन्हें डाकिया बनाने और उनके पद की गरिमा न रखने का आरोप लगाया। भाजपा चंबा मंडल उपाध्यक्ष जसवीर नागपाल ने बताया कि मिंजर चंबा का उत्सव है और प्रशासन इस उत्सव पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर विधायक को किसी भी समिति में शामिल नहीं किया गया है और न ही उन्हें राज्यपाल के चंबा आगमन की सही तरह से जानकारी दी गई है। मिंजर उत्सव में कलाकारों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
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ठेकेदार या ऐसे लोग उनकी कला की परख कर रहे हैं जिन्होंने कभी संगीत की दीक्षा नहीं ली। मिंजर में चंबा की पारंपरिक चंबियाली धाम बनाने के लिए आवेदन करने वालों से 50 से 75 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। जो लोग सांस्कृतिक संध्या आयोजन समिति में सदस्य हैं वे खुद ही सांस्कृतिक संध्या का ठेका हासिल कर रहे हैं। अपनी पहुंच से बिचौलियों को काम दिलवाकर कमीशन बटोर रहे हैं।
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कार्ड छोड़ गया था कर्मचारी : बीके चौहान
विधायक बीके चौहान का कहना है कि प्रशासन की ओर से सुबह एक व्यक्ति उनके घर पर कार्ड छोड़ गया। उसने उनके हस्ताक्षर भी नहीं लिए। अब यह संभव नहीं है कि वे लोगों के काम छोड़कर मिंजर के कार्ड बांटने लगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मिंजर मेले के संदर्भ में उनसे कोई सलाह मशविरा नहीं किया। वे चंबा सदर के विधायक हैं और विधायक चुने जाने के बाद उन्हें किसी एक पार्टी से नहीं गिना जा सकता है।
विधायक नहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए थे कार्ड : उपायुक्त
वहीं, उपायुक्त सुदेश मोख्टा का कहना है कि कार्ड विधायक के लिए नहीं भेजे गए थे। बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए थे। विधायक के लिए कार्ड विधिवत रूप से तहसीलदार के हाथों भेजा गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं को गलतफहमी हो गई थी जिसे बाद में दूर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मिंजर चंबा का त्योहार है और प्रशासन इसे सौहार्द के साथ मनाना चाहता है।