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Chamba News: बंदियों को सिखाए तनाव और क्रोध पर काबू पाने के तरीके
Sat, 10 Oct 2026 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 10 Oct 2026 10:31 PM IST
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जिला कारागार में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर, ध्यान सत्र भी करवाए
173 बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और समय पर उचित सहायता लेने के महत्व की जानकारी दी गई।
संसाधन व्यक्ति डॉ. करण हितैषी ने बंदियों को तनाव, चिंता, क्रोध, अकेलेपन और भावनात्मक परेशानी जैसी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने इनसे निपटने के लिए सकारात्मक तरीके अपनाने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मन को शांत रखने के उद्देश्य से निर्देशित ध्यान के संक्षिप्त सत्र भी करवाए गए।
शिविर में बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता और सलाह उपलब्ध करवाने में विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका समझाई गई। कार्यक्रम में बंदियों की गरिमा बनाए रखने, उनके पुनर्वास और समाज में सकारात्मक पुनः एकीकरण के महत्व पर भी जोर दिया गया। शिविर में कुल 173 बंदी उपस्थित रहे।
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173 बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जिला कारागार में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक मजबूती और समय पर उचित सहायता लेने के महत्व की जानकारी दी गई।
संसाधन व्यक्ति डॉ. करण हितैषी ने बंदियों को तनाव, चिंता, क्रोध, अकेलेपन और भावनात्मक परेशानी जैसी समस्याओं के बारे में बताया। उन्होंने इनसे निपटने के लिए सकारात्मक तरीके अपनाने और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान मानसिक तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मन को शांत रखने के उद्देश्य से निर्देशित ध्यान के संक्षिप्त सत्र भी करवाए गए।
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शिविर में बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही पात्र व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता और सलाह उपलब्ध करवाने में विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका समझाई गई। कार्यक्रम में बंदियों की गरिमा बनाए रखने, उनके पुनर्वास और समाज में सकारात्मक पुनः एकीकरण के महत्व पर भी जोर दिया गया। शिविर में कुल 173 बंदी उपस्थित रहे।
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