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घरों से देवदार की लकड़ी बरामद, डेढ़ लाख जुर्माना
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चंबा। कुंडी में तीन घरों से देवदार की अवैध लकड़ी बरामद की गई है। तीनों आरोपियों ने लकड़ी को अपने-अपने घरों में छुपा रखा था। इस पर वन विभाग ने उन्हें डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना किया है।
जानकारी के मुताबिक वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुंडी में कुछ लोगों ने देवदार के पेड़ों को काटकर लकड़ी अपने घरों में छुपा रखी है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने कुंडी में दबिश देकर लोगों के घरों में छानबीन शुरू की।
इस दौरान तीन लोगों के घरों से देवदार की लकड़ी बरामद की गई। विभागीय टीम ने देवदार की लकड़ी रखने वाले लोगों को परमिट दिखाने के लिए कहा लेकिन, उनके पास देवदार की लकड़ी रखने को लेकर किसी प्रकार का परमिट नहीं पाया गया। इसके चलते विभाग ने देवदार की लकड़ी को अवैध करार देते हुए तीनों को एक लाख 66 हजार जुुर्माना ठोंका। इनमें एक व्यक्ति को 84000, एक को 54000 और एक व्यक्ति को 26000 रुपये जुर्माना किया गया। विभाग की टीम ने गांव के अन्य लोगों को भी आगाह किया कि वे अपनी जरूरत के लिए अवैध रूप से जंगल में देवदार के पेड़ों को न काटें। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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वन विभाग समय-समय पर लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार टीडी के रूप में देवदार की लकड़ी मुहैया करवाता है। टीडी लेने के लिए लोगों को विभाग में आवेदन करना पड़ता है। आवेदन की स्वीकृति मिलने पर लकड़ी मुुहैया होती है लेकिन कुछ लोग अवैध रूप से जंगल में जाकर देवदार की लकड़ी काटकर अपने घरों में रख लेते हैं जो गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों को अब वन विभाग बर्दाश्त नहीं करेगा। अवैध रूप से देवदार के पेड़ों को काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने अपने घरों में देवदारों की लकड़ी छुपा रखी है। ऐसे लोगों की भी अब वन विभाग पहचान कर रहा है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वनमंडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि कुंडी में तीन लोगों ने अवैध रूप से देवदार के पेड़ों को काटकर लकड़ी अपने घरों में छुपा रखी थी। इसको लेकर तीनों लोगों को वन विभाग ने एक लाख 66 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। देवदार के पेड़ों को काटना गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि कुंडी में कुछ लोगों ने देवदार के पेड़ों को काटकर लकड़ी अपने घरों में छुपा रखी है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने कुंडी में दबिश देकर लोगों के घरों में छानबीन शुरू की।
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इस दौरान तीन लोगों के घरों से देवदार की लकड़ी बरामद की गई। विभागीय टीम ने देवदार की लकड़ी रखने वाले लोगों को परमिट दिखाने के लिए कहा लेकिन, उनके पास देवदार की लकड़ी रखने को लेकर किसी प्रकार का परमिट नहीं पाया गया। इसके चलते विभाग ने देवदार की लकड़ी को अवैध करार देते हुए तीनों को एक लाख 66 हजार जुुर्माना ठोंका। इनमें एक व्यक्ति को 84000, एक को 54000 और एक व्यक्ति को 26000 रुपये जुर्माना किया गया। विभाग की टीम ने गांव के अन्य लोगों को भी आगाह किया कि वे अपनी जरूरत के लिए अवैध रूप से जंगल में देवदार के पेड़ों को न काटें। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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वन विभाग समय-समय पर लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार टीडी के रूप में देवदार की लकड़ी मुहैया करवाता है। टीडी लेने के लिए लोगों को विभाग में आवेदन करना पड़ता है। आवेदन की स्वीकृति मिलने पर लकड़ी मुुहैया होती है लेकिन कुछ लोग अवैध रूप से जंगल में जाकर देवदार की लकड़ी काटकर अपने घरों में रख लेते हैं जो गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों को अब वन विभाग बर्दाश्त नहीं करेगा। अवैध रूप से देवदार के पेड़ों को काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने अपने घरों में देवदारों की लकड़ी छुपा रखी है। ऐसे लोगों की भी अब वन विभाग पहचान कर रहा है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वनमंडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि कुंडी में तीन लोगों ने अवैध रूप से देवदार के पेड़ों को काटकर लकड़ी अपने घरों में छुपा रखी थी। इसको लेकर तीनों लोगों को वन विभाग ने एक लाख 66 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। देवदार के पेड़ों को काटना गैर कानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।