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Chamba News: सिहुंता में भड़के आग तो डलहौजी से आती है गाड़ी
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70 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है तय
गाड़ी पहुंचने से पहले राख हो जाता है सबकुछ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र का अभाव कभी भी किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। हालात ये हैं कि तहसील के तहत आने वाली 25 पंचायतों में कहीं अग्निकांड होने पर 50 से 70 किलोमीटर दूर स्थित अग्निशमन केंद्रों से गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचती हैं। कई बार तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही सबकुछ जलकर राख हो चुका होता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिहुंता तहसील में अग्निशमन विभाग का उपकेंद्र खोलने को लेकर कई बार मांग उठाई गई। बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में कोई भी पहल नहीं की जा रही है।
सिहुंता तहसील की ग्राम पंचायत सिहुंता, कामला, गरनोटा, रजैं, समोट, टिकरी, खरगट, टुंडी, मोरठू, जोलना, धुलारा, ककरोटी, बलाणा, गोला, हटली, मलूथा, काथला, बिन्ना, धु-बनेट, खदेट, साहला आदि में 50,000 की आबादी गुजर-बसर करती है। क्षेत्र में अग्निशमन विभाग का कार्यालय या उप कार्यालय न होना चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अग्निकांड होने पर 50 किलोमीटर दूर कांगड़ा, 60 किलोमीटर दूर बनीखेत या 70 किलोमीटर दूर डलहौजी से अग्निशमन विभाग की गाड़ियां पहुंचती हैं।
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ग्रामीणों कुलभूषण उपमन्यु, वीरभान सिंह, राजपाल, नरेंद्र शर्मा, करनैल सिंह, सचिन ठाकुर, अशोक कुमार, भीम सिंह, माधो राम, करतार सिंह, चैन सिंह आदि ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से तहसील सिहुंता में अग्निशमन विभाग का उपकेंद्र खुलना अनिवार्य है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से सिहुंता में अग्निशमन उपकेंद्र खोलने का आग्रह किया है।
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गाड़ी पहुंचने से पहले राख हो जाता है सबकुछ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। क्षेत्र में अग्निशमन केंद्र का अभाव कभी भी किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। हालात ये हैं कि तहसील के तहत आने वाली 25 पंचायतों में कहीं अग्निकांड होने पर 50 से 70 किलोमीटर दूर स्थित अग्निशमन केंद्रों से गाड़ियां आग बुझाने के लिए पहुंचती हैं। कई बार तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही सबकुछ जलकर राख हो चुका होता है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिहुंता तहसील में अग्निशमन विभाग का उपकेंद्र खोलने को लेकर कई बार मांग उठाई गई। बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में कोई भी पहल नहीं की जा रही है।
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सिहुंता तहसील की ग्राम पंचायत सिहुंता, कामला, गरनोटा, रजैं, समोट, टिकरी, खरगट, टुंडी, मोरठू, जोलना, धुलारा, ककरोटी, बलाणा, गोला, हटली, मलूथा, काथला, बिन्ना, धु-बनेट, खदेट, साहला आदि में 50,000 की आबादी गुजर-बसर करती है। क्षेत्र में अग्निशमन विभाग का कार्यालय या उप कार्यालय न होना चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अग्निकांड होने पर 50 किलोमीटर दूर कांगड़ा, 60 किलोमीटर दूर बनीखेत या 70 किलोमीटर दूर डलहौजी से अग्निशमन विभाग की गाड़ियां पहुंचती हैं।
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ग्रामीणों कुलभूषण उपमन्यु, वीरभान सिंह, राजपाल, नरेंद्र शर्मा, करनैल सिंह, सचिन ठाकुर, अशोक कुमार, भीम सिंह, माधो राम, करतार सिंह, चैन सिंह आदि ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से तहसील सिहुंता में अग्निशमन विभाग का उपकेंद्र खुलना अनिवार्य है। उन्होंने प्रदेश सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से सिहुंता में अग्निशमन उपकेंद्र खोलने का आग्रह किया है।