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Chamba News: डिफाल्टर दुकानदारों ने सात दिन में किराया नहीं दिया तो कटेगा बिजली-पानी कनेक्शन
Fri, 28 Jun 2024 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 28 Jun 2024 10:06 PM IST
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अमर उजाला में प्रकाशित खबर।संवाद
चंबा। शहर के 48 डिफाल्टर दुकानदारों ने अगर सात दिन के भीतर दुकानों को किराया नहीं दिया तो नगर परिषद उनकी बिजली और पानी का कनेक्शन काट देगी।
लंबे समय से दुकानों का किराया न देने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर परिषद सख्त हो गई है। मौखिक तौर पर बार-बार कहने पर भी दुकानदार किराया देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नगर परिषद की ओर से डिफाल्टर दुकानदारों को बिल भेजे जा रहे हैं। उन्हें सात दिन के भीतर किराया चुकाने का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। फिर भी किराया नहीं चुकाया तो बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
हैरानी की बात है कि इन दुकानदारों ने लंबे अरसे से दुकानों का किराया जमा नहीं करवाया है। ऐसे में देनदारी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में नगर परिषद के डिफाल्टर दुकानदारों के पास 32 लाख 20 हजार 830 रुपये फंसे हैं। इससे नगर परिषद के राजस्व को चूना लग रहा है। इतना ही नहीं, नगर परिषद ने पहले भी दुकानों का किराया जमा न करवाने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसा था। उसके बाद भी किराया जमा करवाने के लिए नगर परिषद को नोटिस जारी करने पड़ रहे हैं।
शहर के लोगों ने नगर परिषद के दायरे में आती 450 से अधिक दुकानें किराये पर ली है। इनसे नगर परिषद हर साल 31 मार्च को किराया वसूलती है। इन दुकानों का हर माह 700 से 2700 रुपये तक किराया बनता है। इनमें 48 दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने लंबे अरसे से नगर परिषद को किराया नहीं दिया है। नगर परिषद के बार-बार अवगत करवाने पर भी इन्होंने किराये का भुगतान नहीं किया। अब नगर परिषद ने इन दुकानदारों को बिल भेजे हैं। इन्हें सात दिन में किराया जमा करवाने का अल्टीमेटम दिया है।
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-- नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि पानी अब सिर से ऊपर हो चुका है। बार-बार बोलने के बाद भी दुकानदारों ने किराया जमा नहीं करवा रहे हैं। अंतिम बार उन्हें बिल भेजा जा रहा है। अगर इसके बाद भी किराया जमा नहीं किया तो नोटिस के साथ बिजली-पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा।
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लंबे समय से दुकानों का किराया न देने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर परिषद सख्त हो गई है। मौखिक तौर पर बार-बार कहने पर भी दुकानदार किराया देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। नगर परिषद की ओर से डिफाल्टर दुकानदारों को बिल भेजे जा रहे हैं। उन्हें सात दिन के भीतर किराया चुकाने का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। फिर भी किराया नहीं चुकाया तो बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
हैरानी की बात है कि इन दुकानदारों ने लंबे अरसे से दुकानों का किराया जमा नहीं करवाया है। ऐसे में देनदारी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में नगर परिषद के डिफाल्टर दुकानदारों के पास 32 लाख 20 हजार 830 रुपये फंसे हैं। इससे नगर परिषद के राजस्व को चूना लग रहा है। इतना ही नहीं, नगर परिषद ने पहले भी दुकानों का किराया जमा न करवाने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसा था। उसके बाद भी किराया जमा करवाने के लिए नगर परिषद को नोटिस जारी करने पड़ रहे हैं।
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शहर के लोगों ने नगर परिषद के दायरे में आती 450 से अधिक दुकानें किराये पर ली है। इनसे नगर परिषद हर साल 31 मार्च को किराया वसूलती है। इन दुकानों का हर माह 700 से 2700 रुपये तक किराया बनता है। इनमें 48 दुकानदार ऐसे हैं, जिन्होंने लंबे अरसे से नगर परिषद को किराया नहीं दिया है। नगर परिषद के बार-बार अवगत करवाने पर भी इन्होंने किराये का भुगतान नहीं किया। अब नगर परिषद ने इन दुकानदारों को बिल भेजे हैं। इन्हें सात दिन में किराया जमा करवाने का अल्टीमेटम दिया है।
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