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Chamba News: पहाड़ी दरकी, 40 मीटर सड़क जमींदोज
Wed, 26 Aug 2026 10:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:27 AM IST
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चंबा के लूणा-सामरा मार्ग पर पहाड़ी होता भूस्खलन।स्रोज विडियो ग्रैब
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चंबा। कोडला से अंदराड़-इंद्रूनाग-सामरा मार्ग पर समाका में मंगलवार सुबह करीब 6 बजे पहाड़ी अचानक दरक गई। भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने से करीब 40 मीटर सड़क जमींदोज हो गई।
मार्ग बंद होने से रुहनूकोठी, जगत, क्रूंर और छतराड़ी पंचायतों का संपर्क प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व अन्य यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ग्रामीणों का आरोप है कि समाका में पहाड़ी के नीचे निजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन की ओर से पावर हाउस की कटिंग, स्विचयार्ड और पावर हाउस का निर्माण किया गया है। इसके अलावा सामरा और औराफाटी के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई है, जो कई स्थानों पर लीक है। ग्रामीणों का कहना है कि इन निर्माण कार्यों के कारण पहाड़ी कमजोर हुई और भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई।
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स्थानीय निवासी अमित राणा, उत्तम शर्मा, चंद्रेश पुरोहित, ओम प्रकाश और घनश्याम शर्मा ने कहा कि यह मार्ग कई पंचायतों को जोड़ता है। इसके बंद होने से लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मलबा हटाकर मार्ग बहाल करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन की लापरवाही से चार पंचायतों के लोगों की परेशानी बढ़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भान चंद ने बताया कि परियोजना प्रबंधन की लापरवाही से पहाड़ी दरकने के कारण करीब 40 मीटर सड़क जमींदोज हुई है। मलबा हटाने के लिए मशीनरी लगाई गई है। मार्ग को पूरी तरह बहाल करने में कुछ दिन लग सकते हैं।
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मार्ग बंद होने से रुहनूकोठी, जगत, क्रूंर और छतराड़ी पंचायतों का संपर्क प्रभावित हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय लोगों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों व अन्य यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि समाका में पहाड़ी के नीचे निजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन की ओर से पावर हाउस की कटिंग, स्विचयार्ड और पावर हाउस का निर्माण किया गया है। इसके अलावा सामरा और औराफाटी के लिए पाइपलाइन भी बिछाई गई है, जो कई स्थानों पर लीक है। ग्रामीणों का कहना है कि इन निर्माण कार्यों के कारण पहाड़ी कमजोर हुई और भूस्खलन की स्थिति पैदा हुई।
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स्थानीय निवासी अमित राणा, उत्तम शर्मा, चंद्रेश पुरोहित, ओम प्रकाश और घनश्याम शर्मा ने कहा कि यह मार्ग कई पंचायतों को जोड़ता है। इसके बंद होने से लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मलबा हटाकर मार्ग बहाल करने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निजी जलविद्युत परियोजना प्रबंधन की लापरवाही से चार पंचायतों के लोगों की परेशानी बढ़ी है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भान चंद ने बताया कि परियोजना प्रबंधन की लापरवाही से पहाड़ी दरकने के कारण करीब 40 मीटर सड़क जमींदोज हुई है। मलबा हटाने के लिए मशीनरी लगाई गई है। मार्ग को पूरी तरह बहाल करने में कुछ दिन लग सकते हैं।