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Chamba News: पहाड़ के आगे छोटे पड़ रहे बुलंद हौसले, तीन साल छह किमी बनी सड़क
Fri, 18 Oct 2024 10:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 18 Oct 2024 10:00 PM IST
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चंबा। जिला कांगड़ा के बैजनाथ क्षेत्र के सबसे दुर्गम गांव बड़ा भंगाल के लिए सड़क पहुंचाना लोक निर्माण विभाग के लिए चुनौती बन गया है। विभाग तीन साल में छह किमी सड़क ही अभी तक बना पाया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दूसरा चरण अब खत्म होने वाला है। ऐसे में विभाग के पास इस सड़क के लिए जमा बजट भी वापस जा सकता है। खड़ी चट्टानों और कच्ची पहाड़ियों को काटना ठेकेदार के लिए मुसीबत बन चुका है। तीन बार उसकी मशीनरी इस कार्य में खराब हो चुकी है, क्योंकि जब कच्ची पहाड़ी पर कटिंग शुरू की जाती है तो पहाड़ी पर भूस्खलन शुरू हो जाता है। लगातार मिट्टी नीचे गिरते रहती है। इस बीच सड़क का निर्माण करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा खड़ी चट्टान को भी काटना ठेकेदार के लिए आसान नहीं हो रहा है। विभाग इन सभी जटिलताओं की रिपोर्ट बनाकर अपने उच्चाधिकारी और सरकार को भेज चुका है, जिससे उन्हें सड़क के निर्माण के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता भी निर्माण स्थल का मुआयना कर चुके हैं। 44 करोड़ की लागत से 27 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। तीन वर्षों में मात्र छह किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हो पाया है। आगे का निर्माण कार्य करना विभाग के लिए चुनौती बन चुका है। भरमौर के राजगुंडा से बड़ा भंगाल के लिए यह सड़क बनाई जा रही है। बड़ा भंगाल गांव बैजनाथ क्षेत्र में आता है, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी मंडल भरमौर की ओर से किया जा रहा है, क्योंकि सड़क निर्माण का अधिकांश इलाका इसी डिविजन के अंतर्गत आता है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि बड़ा भंगाल के लिए सड़क बनाना विभाग के लिए थोड़ा चुनौती भरा हो रहा है। हालांकि, विभाग छह किमी सड़क बनाने के बाद गरौंडा पंचायत को सड़क से जोड़ने वाला है। इसके आगे की सड़क को बनाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दूसरा चरण अब खत्म होने वाला है। ऐसे में विभाग के पास इस सड़क के लिए जमा बजट भी वापस जा सकता है। खड़ी चट्टानों और कच्ची पहाड़ियों को काटना ठेकेदार के लिए मुसीबत बन चुका है। तीन बार उसकी मशीनरी इस कार्य में खराब हो चुकी है, क्योंकि जब कच्ची पहाड़ी पर कटिंग शुरू की जाती है तो पहाड़ी पर भूस्खलन शुरू हो जाता है। लगातार मिट्टी नीचे गिरते रहती है। इस बीच सड़क का निर्माण करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा खड़ी चट्टान को भी काटना ठेकेदार के लिए आसान नहीं हो रहा है। विभाग इन सभी जटिलताओं की रिपोर्ट बनाकर अपने उच्चाधिकारी और सरकार को भेज चुका है, जिससे उन्हें सड़क के निर्माण के लिए अतिरिक्त समय मिल सके।
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लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता भी निर्माण स्थल का मुआयना कर चुके हैं। 44 करोड़ की लागत से 27 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। तीन वर्षों में मात्र छह किलोमीटर सड़क का ही निर्माण हो पाया है। आगे का निर्माण कार्य करना विभाग के लिए चुनौती बन चुका है। भरमौर के राजगुंडा से बड़ा भंगाल के लिए यह सड़क बनाई जा रही है। बड़ा भंगाल गांव बैजनाथ क्षेत्र में आता है, लेकिन सड़क का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी मंडल भरमौर की ओर से किया जा रहा है, क्योंकि सड़क निर्माण का अधिकांश इलाका इसी डिविजन के अंतर्गत आता है।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मीत कुमार ने बताया कि बड़ा भंगाल के लिए सड़क बनाना विभाग के लिए थोड़ा चुनौती भरा हो रहा है। हालांकि, विभाग छह किमी सड़क बनाने के बाद गरौंडा पंचायत को सड़क से जोड़ने वाला है। इसके आगे की सड़क को बनाने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।