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Chamba News: भारी बारिश से प्राकृतिक जलस्रोतों को मिली नई जिंदगी
Sun, 21 Sep 2025 06:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 21 Sep 2025 06:30 AM IST
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चंबा। भारी बारिश से जहां प्रदेश व जिले में करोड़ों का नुकसान हुआ, लोगों के घर और जमीन तबाह हो गई। उसी तबाही में प्राकृतिक पेयजल स्रोतों (पनिहारों) को नया जीवन मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पनिहार सूख चुके थे या फिर सूखने की कगार पहुंच चुके हैं, वहां पर अब पानी की धारा फिर से बढ़ गई है। इसका मुख्य कारण जमीन के नीचे पानी का स्तर बढ़ना माना जा रहा है। करियां पंचायत के जुखराड़ गांव में पनिहार का पानी सूख चुका था, अब वहां पर पानी काफी बढ़ गया है। इसी तरह, कुरांह, मैहला, राख, धरवाला, सुल्तानपुर, राजनगर, सलूणी, तीसा सहित अन्य स्थानों में पनिहारों में बढ़े जल स्तर का असर देखने को मिल रहा है। इससे संबंधित इलाकों में पानी की कमी दूर होगी। हालांकि, बारिश से हुई तबाही की भरपाई होने में कई महीने लग सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बने पनिहारों में पानी दिन प्रतिदिन सूख रहा था। जिसे बचाने के लिए सरकार व प्रशासन अपने स्तर पर काफी प्रयास भी कर रहे थे। पंचायतें भी अपने स्तर पर इन पनिहारों को सूखने से बचाने में डटी थी लेकिन मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रदेश व जिले में जो भयंकर बारिश हुई। उसने प्राकृतिक पनिहारों में नई जान डाल दी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बने पनिहारों में पानी दिन प्रतिदिन सूख रहा था। जिसे बचाने के लिए सरकार व प्रशासन अपने स्तर पर काफी प्रयास भी कर रहे थे। पंचायतें भी अपने स्तर पर इन पनिहारों को सूखने से बचाने में डटी थी लेकिन मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रदेश व जिले में जो भयंकर बारिश हुई। उसने प्राकृतिक पनिहारों में नई जान डाल दी।
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