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डेढ़ साल से नहीं हो रही बच्चों की स्वास्थ्य जांच
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Health checkup of children not being done for one and a half year
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चंबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच डेढ़ साल से बंद पड़ी है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीमें आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल और गांवों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं लेकिन, कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम को बंद कर दिया गया है। मोबाइल हेल्थ टीमों में शामिल कर्मचारियों की अब कोविड में सेवाएं ली जा रही हैं। इसकी वजह से गांव के बच्चों में विभिन्न बीमारियों की जांच नहीं हो पा रही है। कार्यक्रम के तहत बच्चों की बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज मुफ्त होता है।
चंबा में सैकड़ों बच्चों का इस कार्यक्रम के तहत हृदय सहित आंख और कान की बीमारी का सफल इलाज हो चुका है। ऐसे में यह कार्यक्रम दूर दराज के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। लेकिन, कोविड ने स्वास्थ्य विभाग के इस कार्यक्रम को ब्रेक लगा दी है। डेढ़ साल से कार्यक्रम के तहत किसी भी बच्चे की जांच नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम को दोबारा कब शुरू करेगा, इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 13 मोबाइल हेल्थ टीमें काम करती हैं। ये टीमें आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं। इसमें सामान्य बीमारी से ग्रसित बच्चों को स्वास्थ्य टीम जांच के बाद मौके पर दवाइयां देती है। जबकि, गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों को चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। बच्चों का इलाज अगर चंबा मेडिकल कॉलेज में भी संभव न हो तो उस बच्चे को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है। यहां पर बच्चे का मुफ्त इलाज होता है। इसके लिए बच्चे को कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम कार्ड बनाकर देती है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम स्कूल बंद होने की वजह से बंद पड़ा है। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के बाद इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया जाएगा।
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चंबा में सैकड़ों बच्चों का इस कार्यक्रम के तहत हृदय सहित आंख और कान की बीमारी का सफल इलाज हो चुका है। ऐसे में यह कार्यक्रम दूर दराज के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। लेकिन, कोविड ने स्वास्थ्य विभाग के इस कार्यक्रम को ब्रेक लगा दी है। डेढ़ साल से कार्यक्रम के तहत किसी भी बच्चे की जांच नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग इस कार्यक्रम को दोबारा कब शुरू करेगा, इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 13 मोबाइल हेल्थ टीमें काम करती हैं। ये टीमें आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं। इसमें सामान्य बीमारी से ग्रसित बच्चों को स्वास्थ्य टीम जांच के बाद मौके पर दवाइयां देती है। जबकि, गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों को चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाता है। बच्चों का इलाज अगर चंबा मेडिकल कॉलेज में भी संभव न हो तो उस बच्चे को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता है। यहां पर बच्चे का मुफ्त इलाज होता है। इसके लिए बच्चे को कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम कार्ड बनाकर देती है।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम स्कूल बंद होने की वजह से बंद पड़ा है। स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के बाद इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू किया जाएगा।