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टेस्ट करवाने के लिए करना पड़ रहा दो घंटे का इंतजार
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मेडिकल कॉलेज चंबा की लैब में टेस्ट करवाने के लिए कतार में खड़े लोग। संवाद
- फोटो : Chamba
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चंबा। दिन: बुधवार। स्थान: मेडिकल कॉलेज चंबा। समय: 10:05 बजे। मेडिकल कॉलेज की लैब के बाहर विभिन्न बीमारियों के टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की भीड़ जुटी है। ये मरीज तीसा, सलूणी, मैहला, सिल्लाघ्राट और पुखरी से इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे हैं। लैब में एक टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को एक से दो घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। टेस्ट करवाने के लिए लगी कतार धीरे-धीरे बढ़ रही है। एक घंटे से कतार में खड़े रहने के कारण महिलाएं थकहार कर बेंचों पर बैठ जाती हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हो रही है। लैब में तकनीशियन मरीजों के टेस्ट करने में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि लैब में आठ वर्ष पहले स्थापित की गई मशीनों से ही मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। इससे टेस्ट करने में भी ज्यादा समय लग रहा है।
गौरतलब है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की लैब में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन के अलावा कोई भी अत्याधुनिक मशीन नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में 49 लैब तकनीशियनों के पद स्वीकृत हैं। इनमें छह पद नियमित जबकि अन्य आउटसोर्स पर भरे गए हैं। इसके अलावा लैब असिस्टेंट के स्वीकृत 33 पद खाली पड़े हुए हैं। लैब में टेस्ट करवाने के लिए समय सुबह 9:30 से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। उसके बाद आपातकालीन स्थिति और दाखिल मरीजों के टेस्टों के अलावा अन्य किसी मरीज के टेस्ट नहीं किए जाते हैं। दोपहर बाद मरीजों को निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल चंबा में जहां रोजाना 200 टेस्ट होते थे वहीं वर्तमान में अब 700 से 800 टेस्ट रोजाना लैब में हो रहे हैं। ऐसे में यहां तैनात लैब तकनीशियनों और मरीजों को परेशानी हो रही है। एसआर लैब की जगह दूसरी लैब की अभी तक सेवाएं न मिलने से ही ऐसी स्थिति बनी हुई है।
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लैब तकनीशियनों के रिक्त पद भरने के लिए लेकर विभाग और सरकार को समय-समय पर लिखा जाता है। कहा कि लैब में टेस्ट करवाने के लिए समयावधि अब आधा घंटा और बढ़ा दी गई है।
देवेंद्र कुमार
एमएस मेडिकल कॉलेज चंबा।
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सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्ग मरीजों को हो रही है। लैब में तकनीशियन मरीजों के टेस्ट करने में जुटे हैं। हैरानी की बात यह है कि लैब में आठ वर्ष पहले स्थापित की गई मशीनों से ही मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं। इससे टेस्ट करने में भी ज्यादा समय लग रहा है।
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गौरतलब है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा की लैब में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन के अलावा कोई भी अत्याधुनिक मशीन नहीं है।
मेडिकल कॉलेज में 49 लैब तकनीशियनों के पद स्वीकृत हैं। इनमें छह पद नियमित जबकि अन्य आउटसोर्स पर भरे गए हैं। इसके अलावा लैब असिस्टेंट के स्वीकृत 33 पद खाली पड़े हुए हैं। लैब में टेस्ट करवाने के लिए समय सुबह 9:30 से दोपहर 1:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। उसके बाद आपातकालीन स्थिति और दाखिल मरीजों के टेस्टों के अलावा अन्य किसी मरीज के टेस्ट नहीं किए जाते हैं। दोपहर बाद मरीजों को निजी लैबों का रुख करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल चंबा में जहां रोजाना 200 टेस्ट होते थे वहीं वर्तमान में अब 700 से 800 टेस्ट रोजाना लैब में हो रहे हैं। ऐसे में यहां तैनात लैब तकनीशियनों और मरीजों को परेशानी हो रही है। एसआर लैब की जगह दूसरी लैब की अभी तक सेवाएं न मिलने से ही ऐसी स्थिति बनी हुई है।
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लैब तकनीशियनों के रिक्त पद भरने के लिए लेकर विभाग और सरकार को समय-समय पर लिखा जाता है। कहा कि लैब में टेस्ट करवाने के लिए समयावधि अब आधा घंटा और बढ़ा दी गई है।
देवेंद्र कुमार
एमएस मेडिकल कॉलेज चंबा।