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Chamba News: खतरों के हवाले, सरहद के रखवाले

Thu, 16 Jul 2026 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 16 Jul 2026 10:57 PM IST
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Guardians of the border, facing perils head-on.
बैरागढ़ चेक पोस्ट में सेवाएं देने वाले जवानों का रसोई घर अपनी बदहाली को ब्यां करते हुए। संवाद।
जर्जर दीवारों और टूटी छतों के बीच खतरा उठा रहे बैरागढ़ पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात जवान
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बिस्तर पर पहुंच जाते हैं सांप और बिच्छू, खतरे के साये में रह रहे हैं पुलिस के जवान
24 घंटे ड्यूटी देने के लिए तैनात रहते हैं 30 जवान, असुरक्षा में निभा रहे जिम्मेदारी
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिन कंधों पर जिले की सीमा की सुरक्षा का जिम्मा है, वही कंधे आज जर्जर दीवारों और टूटी छतों के बीच खतरा उठा रहे हैं। बैरागढ़ पुलिस चेक पोस्ट पर तैनात जवान दुश्मन से पहले टूटे भवन, जहरीले जीव-जंतुओं और असुरक्षित हालात से जूझ रहे हैं।
जिले की सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले जवान खुद असुरक्षा में जी रहे हैं। जहां उनके सोने और खाना बनाने की व्यवस्था की गई है, वह भवन कभी भी गिर सकते हैं। लकड़ी के डंडों के सहारे रसोई घर की छत को टिकाया गया है। सोने के लिए जो भवन बना है, उसकी दीवारों पर बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। छत भी क्षतिग्रस्त है। कई बार जवानों के बिस्तर पर सांप और बिच्छु घुस आते हैं। इनसे जवान मूर्छित होने से कई बार बाल-बाल बचे हैं। बैरागढ़ में संचालित पुलिस की चेक पोस्ट पर 30 जवान दिन रात सेवाएं दे रहे हैं। वहां से गुजरने वाले हरेक व्यक्ति की पूरी जांच की जाती है। यहां होने वाली हर गतिविधि पर उन्हें पैनी नजर रखनी पड़ती है।
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दो अगस्त 1998 में सतरूंडी के पास कालाबन में आतंकियों ने सो रहे 35 मजदूरों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर मार डाला था। छह लोगों को अपने साथ बंधी बनाकर ले गए थे जिनका आज दिन तक सुराग नहीं मिला। तब वहां पुलिस की चेक पोस्ट खोली गई थी लेकिन आज वहां जो हालात है, उसे देखने वाले हरेक व्यक्ति के रौंगटे खड़े हो जाएंगे। पुलिस जवान चाह कर भी कुछ नहीं बोल सकते क्योंकि वे विभागीय मर्यादा में बंधे हुए हैं। जब संवाद न्यूज एजेंसी के पत्रकार ने चेक पोस्ट पर जाकर उनकी वस्तुस्थिति को देखा तो उसे विभाग के सामने भी लाया।
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डंडे के सहारे टिकाई रसोई की छत
किचन की छत लकड़ी के डंडे के सहारे टिकी है। बारिश से बचने के लिए तिरपाल बिछाई है। उसे हवा अपने साथ न उड़ा ले जाए, इसलिए उसके ऊपर पत्थर रखे गए हैं। यह कभी भी उनके लिए घातक साबित हो सकता है।
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गुमटी पर भी गिर सकते हैं पत्थर
सड़क पर चेकिंग के लिए जवानों के लिए पत्थरों की गुमटी बनी है जहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। पत्थर कभी उनके ऊपर गिर सकते हैं। जहरीले सांपों का भी उस गुमटी के पत्थरों में घुसने का खतरा रहता है।

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उधर, पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि बैरागढ़ में जवानों के रहने के लिए 14 हट बनाने के लिए सरकार से 80 लाख का बजट मांगा गया है। बजट मिलने पर सुरक्षित हट बनाए जाएंगे।

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बैरागढ़ चेक पोस्ट में सेवाएं देने वाले जवानों का रसोई घर अपनी बदहाली को ब्यां करते हुए। संवाद।

बैरागढ़ चेक पोस्ट में सेवाएं देने वाले जवानों का रसोई घर अपनी बदहाली को ब्यां करते हुए। संवाद।

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