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Chamba News: दादा की विरासत को मंच पर संवार रहा पोता

Wed, 14 Oct 2026 12:20 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Oct 2026 12:20 AM IST
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Grandson upholding his grandfather's legacy on stage.
चंबा। आस्था जब कला से जुड़ती है तो परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती हैं। चंबा के चमेश्नी मोहल्ले के महाजन परिवार ने रामलीला मंचन के जरिये इसी परंपरा को जीवंत रखा है। परिवार की तीन पीढ़ियां अभिनय के माध्यम से रामलीला की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। पिता सतीश महाजन से शुरू हुआ यह सफर अब उनके पोते मिजुल महाजन तक पहुंच गया है।
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सतीश महाजन ने वर्ष 1975 में अभिनय की शुरुआत की थी। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेने से रंगमंच के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। इसके बाद उन्होंने चमेश्नी मोहल्ले की लव-कुश लीला में श्रीराम की भूमिका निभाई। उनके अभिनय को खूब सराहना मिली और उन्हें बड़ी रामलीला में भी श्रीराम का किरदार निभाने का अवसर मिला। उन्होंने चंबा के लक्ष्मी थियेटर में सिकंदर की भूमिका निभाई। मंडी में आयोजित अंग्रेजी नाटक में भी उन्होंने अभिनय किया।
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सतीश महाजन ने रामलीला मंच में अंगद की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने भरत और लक्ष्मण के किरदार भी निभाए। वर्ष 1991 से 2003 तक उन्होंने रामलीला में श्रीराम की भूमिका अदा की। अभिनय के प्रति उनका समर्पण परिवार की अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बना। बकौल सतीश महाजन हमारे लिए रामलीला सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है।
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पिता को मंच पर देखकर मिली प्रेरणा
सतीश महाजन के बेटे राकेश महाजन बताते हैं कि बचपन में वह अपने पिता के साथ रामलीला देखने जाते थे। पिता को मंच पर अभिनय करते देख उनके मन में भी अभिनय के प्रति लगाव पैदा हुआ। वर्ष 2004 से वह लगातार रामलीला में श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। अब परिवार की तीसरी पीढ़ी भी इस परंपरा से जुड़ गई है। राकेश महाजन के बेटे मिजुल महाजन वर्ष 2023 से रामलीला मंच पर भगवान विष्णु का किरदार निभा रहे हैं। परिवार में भक्तिभाव का माहौल और बचपन से मिले संस्कारों ने उन्हें इस दिशा में प्रेरित किया। महाजन परिवार के लिए रामलीला केवल अभिनय का मंच नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और पारिवारिक विरासत को सहेजने का माध्यम भी है। तीन पीढ़ियों की यह निरंतर साधना बताती है कि समर्पण और परंपरा का संगम संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।
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