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न्यूनतम किराये की बढ़ोतरी पर पुनर्विचार करे सरकार : एबीवीपी
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक परिवहन के किराए में 5 से 10 रुपये तक की वृद्धि को लेकर विरोध शुरू हो गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने इस फैसले को गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों के लिए आर्थिक बोझ करार दिया है। परिषद के प्रदेश सहमंत्री अभिनव चौधरी ने इसे असंवेदनशील और आम जनता की समस्याओं की अनदेखी बताया है।
उन्होंने कहा कि सरकार के एक मंत्री द्वारा यह कहे जाना कि कई बार लोगों के पास 5 रुपये नहीं होते, इसलिए इसे 10 रुपये कर दिया गया, न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सरकार की आमजन के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। अभिनव चौधरी ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से छात्रों और युवाओं को प्रभावित करेगा, जो प्रतिदिन बसों से कॉलेज और विश्वविद्यालय आते-जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में परिवहन विकल्प सीमित हैं। ऐसे में किराया बढ़ोतरी से सार्वजनिक परिवहन की सुलभता और किफायती होने की उम्मीदें खत्म होती नजर आ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और छात्र-युवाओं के हित में कदम उठाने की अपील की है।
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उन्होंने कहा कि सरकार के एक मंत्री द्वारा यह कहे जाना कि कई बार लोगों के पास 5 रुपये नहीं होते, इसलिए इसे 10 रुपये कर दिया गया, न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सरकार की आमजन के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। अभिनव चौधरी ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से छात्रों और युवाओं को प्रभावित करेगा, जो प्रतिदिन बसों से कॉलेज और विश्वविद्यालय आते-जाते हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में परिवहन विकल्प सीमित हैं। ऐसे में किराया बढ़ोतरी से सार्वजनिक परिवहन की सुलभता और किफायती होने की उम्मीदें खत्म होती नजर आ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और छात्र-युवाओं के हित में कदम उठाने की अपील की है।
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