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होली में कृषि कार्यालय दो, अफसर एक में भी नहीं
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होली (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र होली में किसानों की सहूलियत के लिए खोले गए कृषि कार्यालय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले हैं। ऐसे में किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि सरकार ने होली और गरोला में कृषि कार्यालय खोल रखे है, जहां कृषि प्रसार अधिकारियों के पद भी स्वीकृत हैं। लेकिन, पिछले करीब पांच सालों से कृषि प्रसार अधिकारियों की तैनाती नहीं हो पाई है। दोनों कार्यालयों में व्यवस्था एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही देख रहा है। जानकारी के अनुसार जनजातीय क्षेत्र में करीब 70 प्रतिशत ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपना जीवनयापन करते हैं लेकिन, यहां अधिकारियों के पद रिक्त होने के कारण किसानों को काफी परेशानी हो रही है। समय पर सरकार की योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है तो वहीं, कृषि के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में किसानों को 35 किलोमीटर दूर भरमौर और जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। किसानों की मानें तो इसके बारे में वे कई बार सरकार से मांग कर चुुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द दोनों जगह कृषि प्रसार अधिकारियों की तैनाती की जाए।
लोग बोले-नहीं मिल रही योजनाओं की जानकारी
किसान रविकांत का कहना है कि सरकार ने कृषि कार्यालय तो खोल दिए हैं, लेकिन स्टाफ की तैनाती करना सरकार भूल गई है। इससे किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। आकाश कुमार का कहना है कि किसानों को समय पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में अधिकतर लोग कृषि करते हैं। रवि कुमार का कहना है कि गरोला और होली में स्टाफ न होने से उन्हें कृषि संबंधी सामान के लिए भी भरमौर की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उन्हें अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। सुनील कुमार का कहना है कि एक तरफ सरकार कृषि को बढ़ावा देने की बात करती है तो वहीं, दूसरी ओर कई सालों से होली और गरोला में अधिकारियों के पद खाली पड़े हुए हैं। भरमौर के एडीएम डॉ. संजय कुमार धीमान का कहना है कि इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जाएगा।
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ऐसे में किसानों को 35 किलोमीटर दूर भरमौर और जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ रहा है। किसानों की मानें तो इसके बारे में वे कई बार सरकार से मांग कर चुुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द दोनों जगह कृषि प्रसार अधिकारियों की तैनाती की जाए।
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लोग बोले-नहीं मिल रही योजनाओं की जानकारी
किसान रविकांत का कहना है कि सरकार ने कृषि कार्यालय तो खोल दिए हैं, लेकिन स्टाफ की तैनाती करना सरकार भूल गई है। इससे किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। आकाश कुमार का कहना है कि किसानों को समय पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है। क्षेत्र में अधिकतर लोग कृषि करते हैं। रवि कुमार का कहना है कि गरोला और होली में स्टाफ न होने से उन्हें कृषि संबंधी सामान के लिए भी भरमौर की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे उन्हें अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। सुनील कुमार का कहना है कि एक तरफ सरकार कृषि को बढ़ावा देने की बात करती है तो वहीं, दूसरी ओर कई सालों से होली और गरोला में अधिकारियों के पद खाली पड़े हुए हैं। भरमौर के एडीएम डॉ. संजय कुमार धीमान का कहना है कि इसके बारे में सरकार को अवगत करवाया जाएगा।
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