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अल्ट्रासाउंड के लिए मिल रही तारीख पर तारीख
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Getting December date for ultrasound
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चंबा। सरकार के गर्भवती महिलाओं को जिले में निशुल्क इलाज के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पांगी, भरमौर, तीसा, सलूणी और होली से मेडिकल कॉलेज चंबा आने वाली महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाना काफी महंगा साबित हो रहा है। जैसे-तैसे कर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचने पर उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए तारीख पर तारीख मिल रही है। इससे सरकार की योजनाएं महज शगूफा ही साबित हो रही हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्थिति अनुसार ही अल्ट्रासाउंड की तारीख देने की बात कह रहे हैं।
गौरतलब है कि चंबा, डलहौजी, भटियात, चुराह और भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्रों की सवा छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर ही निर्भर है। मेडिकल कॉलेज चंबा के अलावा, भरमौर, पांगी, तीसा, सलूणी और भटियात में सिविल अस्पताल हैं। किहार में नागरिक अस्पताल है। इसके अलावा जिले में दर्जनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सिविल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं को पेट दर्द और पत्थरी के मरीजों को जांच के लिए पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर कर दिया जाता है। चंबा में अल्ट्रासाउंड तारीख मिलने पर कमरे किराये पर लेकर निर्धारित तारीख तक का इंतजार करने के लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
भरमौर, पांगी, चुराह, भटियात और डलहौजी में लाखों रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड मशीनें तो अस्पतालों में स्थापित कर दी गई हैं लेकिन, रेडियोलॉस्टि के पद खाली होने से ये मशीनें धूल फांक रही हैं।
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लोगों को मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए 270 रुपये चुकाने पड़ते हैं। निजी क्लीनिकों में प्रति अल्ट्रासाउंड 800 रुपये वसूले जाते हैं। ऐसे में 50 से लेकर 170 किमी का सफर तय कर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाना महंगा साबित हो रहा है।
निजी क्लीनिक का करना पड़ा रुख : ललिता
तीसा निवासी ललिता देवी ने कहा कि उन्हें पेट संबंधी रोग है। चिकित्सक ने उनकी जांच कर उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाकर रिपोर्ट दिखाने की हिदायत दी है। लेकिन, उनका अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पाया। अब उन्हें मजबूरन निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है।
दिसंबर माह की मिली तारीख : देवकी
सनवाल निवासी देवकी देवी ने कहा कि सिविल अस्पताल तीसा में इलाज के बाद उन्हें चंबा रेफर किया गया। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की दिसंबर माह की तारीख मिली है। अब अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए उन्हें वर्ष के अंतिम महीने का इंतजार करना पड़ेगा।
बीस दिन बाद आने को कहा : रसीद
कल्हेल निवासी रसीद मोहम्मद ने कहा कि उनके गुर्दे में पथरी है। तीन दिन पूर्व अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। लेकिन, उन्हें बीस दिन के बाद अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए डेट मिली है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
65 किमी दूर से पहुंचे हैं चंबा : तीखना
सलूणी निवासी तीखना राम ने कहा कि उन्हें दो सालों से पित्त की थैली में पथरी है। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए लगी लंबी कतार में लगने के बाद मंगलवार को उन्हें अब 15 दिन के बाद की तारीख मिली है। वह सलूणी से 65 किमी का सफर तय कर चंबा पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज चंबा एमएस डॉ. आदित्य कश्यप ने बताया कि मरीजों की स्थिति अनुसार ही उन्हें अल्ट्रासाउंड की तारीख दी जाती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों के तुरंत अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था है।
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गौरतलब है कि चंबा, डलहौजी, भटियात, चुराह और भरमौर-पांगी विधानसभा क्षेत्रों की सवा छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर ही निर्भर है। मेडिकल कॉलेज चंबा के अलावा, भरमौर, पांगी, तीसा, सलूणी और भटियात में सिविल अस्पताल हैं। किहार में नागरिक अस्पताल है। इसके अलावा जिले में दर्जनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सिविल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं को पेट दर्द और पत्थरी के मरीजों को जांच के लिए पहुंचने पर मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर कर दिया जाता है। चंबा में अल्ट्रासाउंड तारीख मिलने पर कमरे किराये पर लेकर निर्धारित तारीख तक का इंतजार करने के लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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भरमौर, पांगी, चुराह, भटियात और डलहौजी में लाखों रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड मशीनें तो अस्पतालों में स्थापित कर दी गई हैं लेकिन, रेडियोलॉस्टि के पद खाली होने से ये मशीनें धूल फांक रही हैं।
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लोगों को मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए 270 रुपये चुकाने पड़ते हैं। निजी क्लीनिकों में प्रति अल्ट्रासाउंड 800 रुपये वसूले जाते हैं। ऐसे में 50 से लेकर 170 किमी का सफर तय कर पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाना महंगा साबित हो रहा है।
निजी क्लीनिक का करना पड़ा रुख : ललिता
तीसा निवासी ललिता देवी ने कहा कि उन्हें पेट संबंधी रोग है। चिकित्सक ने उनकी जांच कर उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाकर रिपोर्ट दिखाने की हिदायत दी है। लेकिन, उनका अल्ट्रासाउंड तक नहीं हो पाया। अब उन्हें मजबूरन निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है।
दिसंबर माह की मिली तारीख : देवकी
सनवाल निवासी देवकी देवी ने कहा कि सिविल अस्पताल तीसा में इलाज के बाद उन्हें चंबा रेफर किया गया। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने की दिसंबर माह की तारीख मिली है। अब अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए उन्हें वर्ष के अंतिम महीने का इंतजार करना पड़ेगा।
बीस दिन बाद आने को कहा : रसीद
कल्हेल निवासी रसीद मोहम्मद ने कहा कि उनके गुर्दे में पथरी है। तीन दिन पूर्व अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे। लेकिन, उन्हें बीस दिन के बाद अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए डेट मिली है। इससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
65 किमी दूर से पहुंचे हैं चंबा : तीखना
सलूणी निवासी तीखना राम ने कहा कि उन्हें दो सालों से पित्त की थैली में पथरी है। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड के लिए लगी लंबी कतार में लगने के बाद मंगलवार को उन्हें अब 15 दिन के बाद की तारीख मिली है। वह सलूणी से 65 किमी का सफर तय कर चंबा पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज चंबा एमएस डॉ. आदित्य कश्यप ने बताया कि मरीजों की स्थिति अनुसार ही उन्हें अल्ट्रासाउंड की तारीख दी जाती है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों के तुरंत अल्ट्रासाउंड करवाने की व्यवस्था है।