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Chamba News: अभी तक सड़क से नहीं जुड़ा गढ़ माता का मंदिर
Fri, 02 Aug 2024 10:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 02 Aug 2024 10:39 PM IST
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तेलका (चंबा)। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर की सीमा पर स्थित गढ़ माता मंदिर अभी तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है। गढ़ माता मंदिर न सिर्फ हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों में भी प्रसिद्ध है। प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में यात्री विभिन्न राज्यों से माता के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं।
बावजूद इसके किसी भी पार्टी के जनप्रतिनिधि ने मंदिर तक सड़क पहुंचाने की पहल नहीं की। इसके चलते श्रद्धालुओं को मीलों का पैदल सफर करना पड़ रहा है। इस मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से गूगल मैप पर भी स्थान मिल चुका है। करीब 18 वर्ष पूर्व झौड़ा से गढ़ माता मंदिर के लिए सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। यह करीब लगभग ढाई किलोमीटर दूर किनोट नामक स्थान पर जाकर थम गया। वर्षों बाद भी यह काम अधूरा है।
गढ़ माता मंदिर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों की आस्था का केंद्र है। अश्विन माह की संक्रांति पर गढ़ माता मंदिर में दो दिवसीय जातर मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें जिला चंबा और जम्मू-कश्मीर के हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी भरते हैं। ग्रामीणों की मानें तो झौड़ा-गढ़ माता मंदिर के लिए सड़क का निर्माण होने से दियोल, किनोट, अटालु, मदराणी, चिंगलाणु, शलदंर, कराउड़, चिहोट, भरेभूण व राजा का डेरा आदि गांव की आबादी भी लाभान्वित होगी। इसके साथ ही ग्रामीणों की अधवारी आने-जाने की राह भी आसान हो जाएगी। इसके साथ ही तेलका क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगने से स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे।
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कांग्रेस यूथ कमेटी के सचिव धर्मेंद्र सूर्या ने कहा कि अगर यहां सड़क सुविधा होती तो भलेई माता की तरह गढ़ माता में भी लाखों की संख्या में रोजाना श्रद्धालु आते। उन्होंने हिमाचल सरकार से मांग की है कि इस धार्मिक स्थल के लिए जल्द से जल्द सड़क सुविधा मुहैया करवाने का प्रयास करें।
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उधर, लोग निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता कुमुद उपाध्याय ने कहा बस्तियों में रहने वाले ग्रामीण अपनी-अपनी पंचायत का प्रस्ताव भेजें, उसके बाद निरीक्षण कर आगामी करवाई शुरू की जाएगी।
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बावजूद इसके किसी भी पार्टी के जनप्रतिनिधि ने मंदिर तक सड़क पहुंचाने की पहल नहीं की। इसके चलते श्रद्धालुओं को मीलों का पैदल सफर करना पड़ रहा है। इस मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से गूगल मैप पर भी स्थान मिल चुका है। करीब 18 वर्ष पूर्व झौड़ा से गढ़ माता मंदिर के लिए सड़क का निर्माण शुरू हुआ था। यह करीब लगभग ढाई किलोमीटर दूर किनोट नामक स्थान पर जाकर थम गया। वर्षों बाद भी यह काम अधूरा है।
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गढ़ माता मंदिर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर राज्य के लोगों की आस्था का केंद्र है। अश्विन माह की संक्रांति पर गढ़ माता मंदिर में दो दिवसीय जातर मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें जिला चंबा और जम्मू-कश्मीर के हजारों श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी भरते हैं। ग्रामीणों की मानें तो झौड़ा-गढ़ माता मंदिर के लिए सड़क का निर्माण होने से दियोल, किनोट, अटालु, मदराणी, चिंगलाणु, शलदंर, कराउड़, चिहोट, भरेभूण व राजा का डेरा आदि गांव की आबादी भी लाभान्वित होगी। इसके साथ ही ग्रामीणों की अधवारी आने-जाने की राह भी आसान हो जाएगी। इसके साथ ही तेलका क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगने से स्वरोजगार के द्वार खुलेंगे।
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कांग्रेस यूथ कमेटी के सचिव धर्मेंद्र सूर्या ने कहा कि अगर यहां सड़क सुविधा होती तो भलेई माता की तरह गढ़ माता में भी लाखों की संख्या में रोजाना श्रद्धालु आते। उन्होंने हिमाचल सरकार से मांग की है कि इस धार्मिक स्थल के लिए जल्द से जल्द सड़क सुविधा मुहैया करवाने का प्रयास करें।
उधर, लोग निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता कुमुद उपाध्याय ने कहा बस्तियों में रहने वाले ग्रामीण अपनी-अपनी पंचायत का प्रस्ताव भेजें, उसके बाद निरीक्षण कर आगामी करवाई शुरू की जाएगी।