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Chamba News: शिखर से 443 मीटर पहले थम गई मेनथोजा फतह की राह
Thu, 24 Sep 2026 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 24 Sep 2026 10:52 PM IST
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मेनथोजा पर्वत को फतेह करने के लिए रवाना होता स्पेन के ट्रैकरों का दल। स्त्रोत जागरूक पाठक।
6000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचा स्पेनिश दल, बर्फीले तूफान के आगे सुरक्षा के लिए लौटना पड़ा
छह दिवसीय अभियान में लाहौल की कठिन चढ़ाई पार की, अगले साल अनुकूल मौसम में फिर शिखर छूने का संकल्प
प्रवीण कुमार
चंबा। शिखर सामने था, मंजिल महज 443 मीटर दूर थी, लेकिन मौसम ने मेनथोजा पर्वत फतह करने निकले स्पेन के छह सदस्यीय पर्वतारोहण दल की राह रोक दी। लाहौल की मियाड़ घाटी में बर्फ से ढके पर्वत की चढ़ाई के दौरान दल करीब 6000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। इसी दौरान मौसम अचानक बिगड़ने और बर्फीला तूफान शुरू होने के कारण दल को अभियान रोककर लौटना पड़ा।
स्पेन से आए एलबरटो, बरनेट, मारिया नुईन, मारिया लोपज, मिगुअल और हेक्टर मेनथोजा पर्वत की चोटी फतह करने के लिए लाहौल पहुंचे थे। दल ने पांगी के सुराल में पर्यटकों को मार्गदर्शन देने वाले स्थानीय गाइड बीर सिंह को भी अपने साथ शामिल किया। उनकी अगुवाई में पर्वतारोहियों ने कठिन और बर्फीले रास्ते को पार करते हुए लगातार ऊंचाई हासिल की।
शिखर से महज 443 मीटर पहले मौसम ने ऐसा करवट बदली कि आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया। बर्फीले तूफान के बीच दल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चढ़ाई रोकने का निर्णय लिया। शिखर फतह न कर पाने की कसक के बावजूद करीब 6000 मीटर तक पहुंचने की उपलब्धि लेकर दल वापस लौटा।
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स्थानीय गाइड बीर सिंह ने बताया कि दल के सदस्यों ने अगले वर्ष अनुकूल मौसम में दोबारा अभियान शुरू कर मेनथोजा की चोटी फतह करने का संकल्प लिया है। उन्होंने लाहौल के साथ पांगी आने की भी इच्छा जताई है। बीर सिंह ने बताया कि वापसी से पहले जिस स्थान पर दल ने आखिरी रात बिताई, वहां सदस्यों ने टेंट में हिंदी और अंग्रेजी गीत गाकर सफर की थकान भी उतारी।
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छह दिवसीय अभियान में लाहौल की कठिन चढ़ाई पार की, अगले साल अनुकूल मौसम में फिर शिखर छूने का संकल्प
प्रवीण कुमार
चंबा। शिखर सामने था, मंजिल महज 443 मीटर दूर थी, लेकिन मौसम ने मेनथोजा पर्वत फतह करने निकले स्पेन के छह सदस्यीय पर्वतारोहण दल की राह रोक दी। लाहौल की मियाड़ घाटी में बर्फ से ढके पर्वत की चढ़ाई के दौरान दल करीब 6000 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच गया। इसी दौरान मौसम अचानक बिगड़ने और बर्फीला तूफान शुरू होने के कारण दल को अभियान रोककर लौटना पड़ा।
स्पेन से आए एलबरटो, बरनेट, मारिया नुईन, मारिया लोपज, मिगुअल और हेक्टर मेनथोजा पर्वत की चोटी फतह करने के लिए लाहौल पहुंचे थे। दल ने पांगी के सुराल में पर्यटकों को मार्गदर्शन देने वाले स्थानीय गाइड बीर सिंह को भी अपने साथ शामिल किया। उनकी अगुवाई में पर्वतारोहियों ने कठिन और बर्फीले रास्ते को पार करते हुए लगातार ऊंचाई हासिल की।
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शिखर से महज 443 मीटर पहले मौसम ने ऐसा करवट बदली कि आगे बढ़ना जोखिम भरा हो गया। बर्फीले तूफान के बीच दल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चढ़ाई रोकने का निर्णय लिया। शिखर फतह न कर पाने की कसक के बावजूद करीब 6000 मीटर तक पहुंचने की उपलब्धि लेकर दल वापस लौटा।
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स्थानीय गाइड बीर सिंह ने बताया कि दल के सदस्यों ने अगले वर्ष अनुकूल मौसम में दोबारा अभियान शुरू कर मेनथोजा की चोटी फतह करने का संकल्प लिया है। उन्होंने लाहौल के साथ पांगी आने की भी इच्छा जताई है। बीर सिंह ने बताया कि वापसी से पहले जिस स्थान पर दल ने आखिरी रात बिताई, वहां सदस्यों ने टेंट में हिंदी और अंग्रेजी गीत गाकर सफर की थकान भी उतारी।