फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Fraud in regularizing six daily wage earners, department sets up investigation

Chamba News: छह दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने के लिए फर्जीवाड़ा, विभाग ने बैठाई जांच

Mon, 26 Feb 2024 07:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 26 Feb 2024 07:20 PM IST
विज्ञापन
Fraud in regularizing six daily wage earners, department sets up investigation
छह दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने के लिए फर्जीवाड़ा, विभाग ने बैठाई जांच
विज्ञापन

विभाग ने एसीएफ डलहौजी को सौंपा जांच का जिम्मा, सरकार को भेजी जाएगी जांच की रिपोर्ट
मसरूंड रेंज का मामला, आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप, मस्टररोल में नहीं लगी है पूरी दिहाड़ी

संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन मंडल चंबा के परिक्षेत्र में आने वाली मसरूंड रेंज में दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने में फर्जीवाड़े का आरोप लगा है। इसको लेकर वन विभाग ने जांच भी बैठा दी है।
एसीएफ डलहौजी को इस मामले की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है। फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र महाजन ने मसरूंड रेंज में नियमित किए गए छह दैनिक वेतन भोगियों की दिहाड़ी का पूरा रिकॉर्ड विभाग से मांग लिया। आरटीआई में विभाग ने जो रिकॉर्ड कार्यकर्ता को दिया है, उसके अनुसार दैनिक वेतन भोगी की मस्टररोल में पूरी दिहाड़ी नहीं लगी है। ऐसे में दैनिक वेतन भोगियों को किस प्रकार से नियमित कर दिया गया। इस मामले में जहां वनरक्षक से लेकर वनमंडलाधिकारी और मुख्य वन अरण्यपाल तक कार्रवाई हो सकती है। दैनिक वेतन भोगी को नियमित करने की कार्यवाही वन रक्षक से शुरू होकर वन खंड अधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, वनमंडलाधिकारी से मुख्य वन अरण्यपाल तक होती है। तब जाकर दैनिक वेतन भोगी की नियमितीकरण की फाइल विभाग से सरकार के पास जाती है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि नियमतिकरण को लेकर लगाए गए मस्टररोल की किसी भी अधिकारी ने बारीकी से जांच ही नहीं की। या फिर जान बूझकर अधूरे रिकॉर्ड के साथ लापरवाही बरतते हुए दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करवा दिया।
विज्ञापन


आईटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र महाजन ने बताया कि मसरूंड रेंज में दैनिक वेतन भोगियों के नियमतिकरण का यह फर्जीवाड़ा 2013 से 2021 के बीच में हुआ है। इस दौरान रेंज में एक वन खंड अधिकारी के पास कुछ माह के लिए वन परिक्षेत्र का कार्यभार भी था। इसमें उस अधिकारी की लापरवाही सबसे अधिक रही है। इस समय अवधि में वन मंडल चंबा में रहे डीएफओ व विभाग के सीसीएफ की भी काफी लापरवाही रही है। कहा कि वह इस मामले को लेकर अदालत में भी जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने एसीएफ डलहौजी की ड्यूटी लगाई है। जांच टीम की जो भी रिपोर्ट होगी, उसे सरकार को भेज दिया जाएगा। वहां से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उसके अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी।

--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed