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नाले में मलबा फेंकने पर ठेकेदार को डेढ़ लाख जुर्माना
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चंबा। वन विभाग ने अवैध डंपिंग करने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साहो क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान अवैध रूप से नाले में मलबा फेंक रहेे एक ठेकेदार को वन विभाग ने डेढ़ लाख का जुर्माना ठोंका है। साथ ही ठेकेदार को चेतावनी दी है कि दोबारा उसने नाले में मलबा फेंका तो उसकी मशीनरी को जब्त कर लिया जाएगा।
इतना ही नहीं, ठेकेदार को यह भी आदेश दिए गए हैं कि जहां पर मलबा फेंका गया है, वहां पर क्रेटवाल लगाए जिससे नीचे स्थित गांव को किसी प्रकार का खतरा न हो। गौरतलब है कि स्थानीय लोग नाले में हो रही अवैध डंपिंग को लेकर वन विभाग के पास काफी समय से शिकायत कर रहे थे। इसको लेकर जब वनमंडलाधिकारी के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने तुरंत वन विभाग के वन पालक और वन रक्षक को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के आदेश दिए। वन विभाग की टीम ने मौके पर हालात का जायजा लेने के बाद ठेकेदार को अवैध रूप से डंपिंग करने के लिए डेढ़ लाख की पेनल्टी लगाई।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद सड़कों का निर्माण करने वाले अन्य ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है। सड़कों के निर्माण में ज्यादातर ठेकेदार नदी-नालों में मलबे को ठिकाने लगाते हैं। जबकि, मलबा फेंकने के लिए लोक निर्माण विभाग ठेकेदार को डंपिंग साइट देता है, जहां उसे सड़क का मलबा जमा करना होता है। चंबा में कई ठेकेदार ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को सीधा नालों में ही फेंक देते हैं। इस बात का भी ध्यान नहीं रखा जाता कि मलबा फेंकने से निचले इलाकों में तबाही मच सकती है।
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ऐसा करने वाले ठेेकेदारों पर वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि साहो क्षेत्र में सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार को डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया गया है। अगर ठेकेदार दोबारा नाले में मलबा फेंकता हुआ पकड़ा गया तो उसकी मशीनरी को जब्त कर लिया जाएगा।
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इतना ही नहीं, ठेकेदार को यह भी आदेश दिए गए हैं कि जहां पर मलबा फेंका गया है, वहां पर क्रेटवाल लगाए जिससे नीचे स्थित गांव को किसी प्रकार का खतरा न हो। गौरतलब है कि स्थानीय लोग नाले में हो रही अवैध डंपिंग को लेकर वन विभाग के पास काफी समय से शिकायत कर रहे थे। इसको लेकर जब वनमंडलाधिकारी के पास शिकायत पहुंची तो उन्होंने तुरंत वन विभाग के वन पालक और वन रक्षक को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के आदेश दिए। वन विभाग की टीम ने मौके पर हालात का जायजा लेने के बाद ठेकेदार को अवैध रूप से डंपिंग करने के लिए डेढ़ लाख की पेनल्टी लगाई।
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वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद सड़कों का निर्माण करने वाले अन्य ठेकेदारों में भी हड़कंप मच गया है। सड़कों के निर्माण में ज्यादातर ठेकेदार नदी-नालों में मलबे को ठिकाने लगाते हैं। जबकि, मलबा फेंकने के लिए लोक निर्माण विभाग ठेकेदार को डंपिंग साइट देता है, जहां उसे सड़क का मलबा जमा करना होता है। चंबा में कई ठेकेदार ज्यादा पैसे कमाने के चक्कर में सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे को सीधा नालों में ही फेंक देते हैं। इस बात का भी ध्यान नहीं रखा जाता कि मलबा फेंकने से निचले इलाकों में तबाही मच सकती है।
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ऐसा करने वाले ठेेकेदारों पर वन विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि साहो क्षेत्र में सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार को डेढ़ लाख का जुर्माना लगाया गया है। अगर ठेकेदार दोबारा नाले में मलबा फेंकता हुआ पकड़ा गया तो उसकी मशीनरी को जब्त कर लिया जाएगा।