{"_id":"607327478ebc3ec89a5c6e7d","slug":"expansion-of-drinking-water-tank-could-not-be-done-in-thirty-years-chamba-news-chamba-news-sml3671556158","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीस सालों में नहीं हो पाया पेयजल टैंक का विस्तारीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीस सालों में नहीं हो पाया पेयजल टैंक का विस्तारीकरण
विज्ञापन
खज्जियार (चंबा)। तीन पंचायतों में पेयजल आपूर्ति करने वाले पेयजल स्टोरेज टैंक का तीस सालों के बाद भी विस्तारीकरण नहीं हो पाया है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को आए दिन पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। खज्जियार पंचायत के पुखरी गांव में तीस साल पहले जलशक्ति विभाग ने 15 हजार लीटर की क्षमता वाला पेयजल स्टोरेज टैंक बनाया था। जिससे ग्राम पंचायत कोहलड़ी, सिंगी व खज्जियार के गांव में पेयजल की आपूर्ति की जा रही थी। तीस सालों में पंचायतों में जनसंख्या बढ़ी। साथ ही में घरों में नलकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई लेकिन विभाग की ओर से पुखरी गांव में बने पेयजल स्टोरेज टैंक की क्षमता को नहीं बढ़ाया गया। ग्रामीण इस समस्या को लेकर मुख्यमंत्री संकल्प हेल्पलाइन में भी शिकायत कर चुके हैं। अभी तक ग्रामीणों की समस्या का निदान नहीं हो पाया है।
सिंगी पंचायत के पूर्व प्रधान मनोज कुमार, कोहलड़ी पंचायत के पूर्व प्रधान विक्की कुमार, वार्ड मेंबर पवन कुमार, महिंद्र व ग्रामीणों में अमर चंद और सुरेश कुमार ने बताया कि पुखरी गांव में तीस साल पहले बनाए गए पानी के स्टोरेज टैंक का विभाग ने विस्तारीकरण तो दूर एक बार भी उसकी रिपेयर नहीं की है। टैंक के पानी से दिन में एक समय तक पानी की आपूर्ति गांव में की जा सकती है। गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में पानी की कम स्टोरेज की वजह से गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
सरकार से बजट मांगा: विभाग
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। पुखरी गांव में बड़ा पेयजल भंडारण टैंक बनाने को लेकर सरकार से बजट मांगा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही समस्या का निदान किया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीण चंद्रेश कुमार ने बताया कि पुखरी गांव में पेयजल स्टोरेज टैंक की क्षमता बढ़ाने की मांग को विभाग पूरा नहीं कर रहा है। इसको लेकर लोगों में भारी रोष है गर्मियों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
मनोज कुमार ने बताया कि तीस साल पहले बनाए गए पेयजल स्टोरेज टैंक का आज तक विस्तारीकरण नहीं हो पाया। समय के साथ गांव में लोगों की जनसंख्या बढ़ी लेकिन पानी की क्षमता आज भी तीस साल पहले की है।
विक्की कुमार ने बताया कि आज की जनसंख्या के आधार पर विभाग को पुखरी गांव में बड़ा स्टोरेज टैंक बनाना चाहिए ताकि ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से न जूझना पड़े।
महिंद्र कुमार ने बताया कि गर्मियों में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े। इसके लिए विभाग को समय रहते पुखरी गांव में बड़ा पेयजल स्टोरेज टैंक बनाना चाहिए। लोग काफी समय से मांग भी कर रहे हैं।
विज्ञापन
सिंगी पंचायत के पूर्व प्रधान मनोज कुमार, कोहलड़ी पंचायत के पूर्व प्रधान विक्की कुमार, वार्ड मेंबर पवन कुमार, महिंद्र व ग्रामीणों में अमर चंद और सुरेश कुमार ने बताया कि पुखरी गांव में तीस साल पहले बनाए गए पानी के स्टोरेज टैंक का विभाग ने विस्तारीकरण तो दूर एक बार भी उसकी रिपेयर नहीं की है। टैंक के पानी से दिन में एक समय तक पानी की आपूर्ति गांव में की जा सकती है। गर्मियों का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में पानी की कम स्टोरेज की वजह से गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
सरकार से बजट मांगा: विभाग
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश कपूर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। पुखरी गांव में बड़ा पेयजल भंडारण टैंक बनाने को लेकर सरकार से बजट मांगा गया है। बजट की स्वीकृति मिलते ही समस्या का निदान किया जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीण चंद्रेश कुमार ने बताया कि पुखरी गांव में पेयजल स्टोरेज टैंक की क्षमता बढ़ाने की मांग को विभाग पूरा नहीं कर रहा है। इसको लेकर लोगों में भारी रोष है गर्मियों में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है।
मनोज कुमार ने बताया कि तीस साल पहले बनाए गए पेयजल स्टोरेज टैंक का आज तक विस्तारीकरण नहीं हो पाया। समय के साथ गांव में लोगों की जनसंख्या बढ़ी लेकिन पानी की क्षमता आज भी तीस साल पहले की है।
विक्की कुमार ने बताया कि आज की जनसंख्या के आधार पर विभाग को पुखरी गांव में बड़ा स्टोरेज टैंक बनाना चाहिए ताकि ग्रामीणों को पीने के पानी की समस्या से न जूझना पड़े।
महिंद्र कुमार ने बताया कि गर्मियों में लोगों को पेयजल किल्लत का सामना न करना पड़े। इसके लिए विभाग को समय रहते पुखरी गांव में बड़ा पेयजल स्टोरेज टैंक बनाना चाहिए। लोग काफी समय से मांग भी कर रहे हैं।