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ंबा मेडिकल कॉलेज में 3 माह से वेतन न मिलने पर सफाई कर्मचारियों उग्र, की हड़ताल
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मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रधानाचार्य से बात करते सफाई कर्मचारी।
- फोटो : Chamba
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने वार्डों में सफाई नहीं की। इससे अस्पताल में चारों तरफ गंदगी का आलम रहा। तीन माह से वेतन का भुगतान न होने से नाराज कर्मचारियों ने ठेकेदार के साथ हड़ताल शुरू कर दी।
प्राचार्य के कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने अपना रोष प्रकट किया। साथ ही प्रबंधन से वेतन भुगतान करने की मांग की। सुबह से लेकर दोपहर तक कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। दोपहर बाद प्राचार्य ने ठेकेदार को आश्वासन दिया कि उनके बिल का शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा। उसके बाद कर्मचारी अपने काम पर लौटे। अस्पताल में दोपहर बाद सफाई का कार्य शुरू हुआ। इस अव्यवस्था की वजह से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में निजी कंपनी के अधीन काम करने वाले पचास कर्मचारियों को तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। तीन माह से प्रबंधन ने कंपनी के बिल की अदायगी नहीं की है। बिल के भुगतान को लेकर कुछ खामियां पाई गई हैं। इन खामियों की वजह से कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। बच्चों की फीस से लेकर राशन का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। इसी समस्या से तंग आकर सोमवार को कर्मचारियों ने अपने काम का त्याग कर दिया और प्राचार्य के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रबंधन ने कर्मचारियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जल्द बिल का भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम को लौट गए।
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प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि कंपनी के बिल में कुछ खामियां पाई गई थीं, जिन्हें दुरुस्त करवाने के लिए कहा गया है। खामियां दुरुस्त होते ही तुरंत बिल की अदायगी कर दी जाएगी। कर्मचारियों को वेतन के लिए काम छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्हें समय पर वेतन मुहैया करवाया जाएगा।
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प्राचार्य के कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने अपना रोष प्रकट किया। साथ ही प्रबंधन से वेतन भुगतान करने की मांग की। सुबह से लेकर दोपहर तक कर्मचारी हड़ताल पर डटे रहे। दोपहर बाद प्राचार्य ने ठेकेदार को आश्वासन दिया कि उनके बिल का शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा। उसके बाद कर्मचारी अपने काम पर लौटे। अस्पताल में दोपहर बाद सफाई का कार्य शुरू हुआ। इस अव्यवस्था की वजह से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में निजी कंपनी के अधीन काम करने वाले पचास कर्मचारियों को तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। तीन माह से प्रबंधन ने कंपनी के बिल की अदायगी नहीं की है। बिल के भुगतान को लेकर कुछ खामियां पाई गई हैं। इन खामियों की वजह से कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। बच्चों की फीस से लेकर राशन का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। इसी समस्या से तंग आकर सोमवार को कर्मचारियों ने अपने काम का त्याग कर दिया और प्राचार्य के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रबंधन ने कर्मचारियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जल्द बिल का भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी काम को लौट गए।
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प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि कंपनी के बिल में कुछ खामियां पाई गई थीं, जिन्हें दुरुस्त करवाने के लिए कहा गया है। खामियां दुरुस्त होते ही तुरंत बिल की अदायगी कर दी जाएगी। कर्मचारियों को वेतन के लिए काम छोड़ने की जरूरत नहीं है। उन्हें समय पर वेतन मुहैया करवाया जाएगा।