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स्वदेशी पर हो जोर, वोकेशनल कोर्स को दिया जाए बढ़ावा : डॉ. विजय
Tue, 04 Nov 2025 11:14 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 04 Nov 2025 11:14 PM IST
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चंबा कॉलेज में सम्मेलन के दौरान मौजूद विभिन्न कॉलेजों के पदाधिकारी और अन्य।संवाद
चंबा। राजकीय महाविद्यालय चंबा में विकसित भारत-2047 विषय को लेकर राष्ट्रीय सम्मलेन का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान वक्ताओं और शोधकर्ताओं ने दिए अहम सुझाव दिए। प्रवक्ता डॉ. विजय नाग ने कहा कि हमें अपने स्वदेशी उत्पादों का उत्पादन बढ़ाना होगा। वोकेशनल कोर्स पर बढ़ावा देना चाहिए। महिला और पुरुष दोनों को रोजगार के क्षेत्र में बराबर अवसर मिलना चाहिए।
सम्मेलन में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रो. मनोज कुमार सिन्हा ने अपने वक्तव्य की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विकसित भारत के वीडियो के साथ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सपना है कि हम आत्मनिर्भर बनें। यह तभी सफल होगा, जब समाज के सभी लोग एक साथ आगे आएगे। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उत्पाद ही उपयोग में लाने चाहिए।
सम्मेलन में नोट स्पीकर डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि यदि भारत को विकसित करना है तो किसान महिला और युवाओं को एक साथ आगे आना होगा। भारत को किसी और देश की तरह नहीं बनना है भारत को एक विकसित भरता बनाना है। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि हम कई प्रोडक्ट अपनी दिनचर्या में उपयोग करते हैं, जो कि अन्य देशों से यहां तक आते हैं, चाहे हम गाड़ी की बात करें या फोन की। इनमें काफी ऐसी वस्तुएं है, जो विदेश में तैयार होती हैं। प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया ने कहा कि दो दिन से चले सम्मलेन में 10 से ज्यादा राज्यों से विद्वान पहुंचे और लगभग 250 से ज्यादा खोज पत्र के माध्यम से बताया कि किस तरह भारत देश को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है।
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सम्मेलन में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रो. मनोज कुमार सिन्हा ने अपने वक्तव्य की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक विकसित भारत के वीडियो के साथ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सपना है कि हम आत्मनिर्भर बनें। यह तभी सफल होगा, जब समाज के सभी लोग एक साथ आगे आएगे। उन्होंने कहा कि हमें ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उत्पाद ही उपयोग में लाने चाहिए।
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सम्मेलन में नोट स्पीकर डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि यदि भारत को विकसित करना है तो किसान महिला और युवाओं को एक साथ आगे आना होगा। भारत को किसी और देश की तरह नहीं बनना है भारत को एक विकसित भरता बनाना है। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि हम कई प्रोडक्ट अपनी दिनचर्या में उपयोग करते हैं, जो कि अन्य देशों से यहां तक आते हैं, चाहे हम गाड़ी की बात करें या फोन की। इनमें काफी ऐसी वस्तुएं है, जो विदेश में तैयार होती हैं। प्राचार्य डॉ. मदन गुलेरिया ने कहा कि दो दिन से चले सम्मलेन में 10 से ज्यादा राज्यों से विद्वान पहुंचे और लगभग 250 से ज्यादा खोज पत्र के माध्यम से बताया कि किस तरह भारत देश को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सकता है।
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