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Chamba News: भूरि सिंह पावर हाउस में बिजली उत्पादन शुरू
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चंबा भूरी सिंह पावर हाउस के विद्युत उत्पादन आरंभ होने पर डटे श्रमिक
चंबा। एशिया के दूसरे नंबर के भूरि सिंह पावर हाउस में आखिरकार श्रमिकों को 15 सितंबर के बाद वेतनमान और भत्तों का भुगतान करने का आश्वासन मिलने पर विद्युत उत्पादन शुरू हो गया है। अमर उजाला में प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित होने पर संबंधित ठेकेदार ने श्रमिकों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। वहीं, श्रमिकों ने साफ किया है कि 16 सितंबर से पहले वेतनमान सहित देय भत्ते न मिलने पर वे इससे भी सख्त आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएंगे।
भूरि सिंह पावर हाउस का संचालन कर रहे श्रमिकों को सात माह से वेतनमान और देय भत्तों का भुगतान नहीं हुआ है। वेतनमान व देय भत्ते न मिलने से खिन्न श्रमिकों ने कहीं से भी आस न मिलने पर आखिरकार मजबूरन भूरि सिंह पावर हाउस में विद्युत उत्पादन बंद कर दिया। श्रमिकों अजय कुमार, अजीत, अक्षय, आत्मा राम, अमित कुमार, मनोज कुमार, अंशुल, अजीत सिंह आदि ने बताया कि वेतनमान और भत्ते न मिलने से उन्हें परिवार के पालन-पोषण के लिए अब दुकानदारों ने राशन तक देना बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, वे अपने बच्चों की स्कूलों की फीस, पानी-बिजली के बिल और ऋण की किस्तें चुकता नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेतनमान और भत्तों के भुगतान को लेकर वे श्रम निरीक्षक और उपायुक्त के समक्ष भी अपना दुखड़ा रो चुके हैं। इसके बाद आखिरकार दिए गए समय के बाद भी उन्हें उनका हक न मिलने पर उन्होंने भूरि सिंह पावर हाउस में विद्युत उत्पादन का कार्य बंद कर दिया। इसकी भनक लगते ही ठेकेदार ने अब आखिरकार उन्हें 15 सितंबर तक वेतनमान व देय भत्ते देने का आश्वासन दिया है। श्रमिकों ने साफ किया है कि दिन-रात मेहनत से काम करने के बावजूद वेतनमान और देय भत्तों का समयानुसार भुगतान होना अनिवार्य है।
भूरि सिंह पावर हाउस में तीन मशीनों में से दो क्रियाशील हैं। इनसे प्रतिदिन एक हजार यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही है। इससे अमूमन 65 से 70 हजार रुपये प्रति दिन बिल बनता है। इससे पहले तीन मशीनों के जरिये चार से पांच हजार यूनिट बिजली तैयार होती रही है।
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निजी कंपनी के निदेशक शाश्वत हिंदवाद ने बताया कि मामला उनके ध्यान में हैं। विद्युत बोर्ड प्रबंधन से फरवरी से लेकर अब तक 8 लाख 45 हजार 113 रुपये बकाया राशि लेनी शेष है। बोर्ड के अधीक्षण अभियंता से चर्चा के बाद उन्होंने 15 सितंबर तक भुगतान का आश्वासन दिया है। कहा कि श्रमिकों को 15 दिनों के बाद भुगतान का आश्वासन देने के बाद विद्युत उत्पादन का कार्य आरंभ हो गया है।
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भूरि सिंह पावर हाउस का संचालन कर रहे श्रमिकों को सात माह से वेतनमान और देय भत्तों का भुगतान नहीं हुआ है। वेतनमान व देय भत्ते न मिलने से खिन्न श्रमिकों ने कहीं से भी आस न मिलने पर आखिरकार मजबूरन भूरि सिंह पावर हाउस में विद्युत उत्पादन बंद कर दिया। श्रमिकों अजय कुमार, अजीत, अक्षय, आत्मा राम, अमित कुमार, मनोज कुमार, अंशुल, अजीत सिंह आदि ने बताया कि वेतनमान और भत्ते न मिलने से उन्हें परिवार के पालन-पोषण के लिए अब दुकानदारों ने राशन तक देना बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, वे अपने बच्चों की स्कूलों की फीस, पानी-बिजली के बिल और ऋण की किस्तें चुकता नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेतनमान और भत्तों के भुगतान को लेकर वे श्रम निरीक्षक और उपायुक्त के समक्ष भी अपना दुखड़ा रो चुके हैं। इसके बाद आखिरकार दिए गए समय के बाद भी उन्हें उनका हक न मिलने पर उन्होंने भूरि सिंह पावर हाउस में विद्युत उत्पादन का कार्य बंद कर दिया। इसकी भनक लगते ही ठेकेदार ने अब आखिरकार उन्हें 15 सितंबर तक वेतनमान व देय भत्ते देने का आश्वासन दिया है। श्रमिकों ने साफ किया है कि दिन-रात मेहनत से काम करने के बावजूद वेतनमान और देय भत्तों का समयानुसार भुगतान होना अनिवार्य है।
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भूरि सिंह पावर हाउस में तीन मशीनों में से दो क्रियाशील हैं। इनसे प्रतिदिन एक हजार यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही है। इससे अमूमन 65 से 70 हजार रुपये प्रति दिन बिल बनता है। इससे पहले तीन मशीनों के जरिये चार से पांच हजार यूनिट बिजली तैयार होती रही है।
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निजी कंपनी के निदेशक शाश्वत हिंदवाद ने बताया कि मामला उनके ध्यान में हैं। विद्युत बोर्ड प्रबंधन से फरवरी से लेकर अब तक 8 लाख 45 हजार 113 रुपये बकाया राशि लेनी शेष है। बोर्ड के अधीक्षण अभियंता से चर्चा के बाद उन्होंने 15 सितंबर तक भुगतान का आश्वासन दिया है। कहा कि श्रमिकों को 15 दिनों के बाद भुगतान का आश्वासन देने के बाद विद्युत उत्पादन का कार्य आरंभ हो गया है।