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मंत्री, विधायकों ने चंबा मेडिकल कॉलेज से ट्रांसफर करवाई आठ स्टाफ नर्सें
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चंबा। मंत्री, विधायकों के डीओ नोट पर पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा से आठ स्टाफ नर्सें ट्रांसफर हो चुकी हैं। आठ अन्य नर्सें अंडर ट्रांसफर हैं। उनकी ट्रांसफर करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को रोजाना मंत्री और विधायकों के फोन आ रहे हैं। इससे अस्पताल प्रबंधन को काम करवाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।
नौकरी पाने के लिए स्टाफ नर्सों ने चंबा मेडिकल कॉलेज में तैनाती तो दे दी। लेकिन अब यहां नौकरी करने के लिए वहे तैयार नहीं हैं। यहां से जाने के लिए वे अपने क्षेत्र से संबंधित मंत्री और विधायकों के डीओ नोट लगाकर ट्रांसफर करवाने में लगी हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार यहां से नर्सों की ट्रांसफर दूसरी जगह कर तो रही है। लेकिन उनके स्थान पर अन्य स्टाफ नर्सों की तैनाती नहीं की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में चंबा से सभी स्टाफ नर्सें अपने गृह जिले में चली जाएंगी। यहां मरीजों की देखभाल करने के लिए गिनी-चुनी नर्सें रह जाएंगी।
मेडिकल कॉलेज चंबा में इस समय 99 स्टाफ नर्सों के पद स्वीकृत हैं। इसमें से आठ नर्सें ट्रांसफर करवाकर जा चुकी हैं। आठ के ऑर्डर हो चुके हैं। प्रबंधन ने उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया है। नर्सें खुद को रिलीव करवाने के लिए मंत्री और विधायकों से फोन करवा रही हैं। इस काम में चंबा के राजनैतिक पार्टी के नेता भी शामिल हैं। जो प्रबंधन को नर्सें भेजने के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसा करने वाले केवल भाजपा पार्टी के नेता ही नहीं हैं बल्कि कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल हैं। इसको लेकर जिले वासियों में नेताओं के प्रति रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि हर कोई अपने घर के पास नौकरी करना चाहता है। लेकिन इसके लिए दूसरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को चरमराया नहीं जा सकता। सरकार नर्सों की ट्रांसफर करने पर उनके स्थान पर दूसरे की तैनाती भी करे।
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सीएम से तबादला रोकने की मांग : नैयर
सदर विधायक पवन नैयर ने बताया कि उनके ध्यान में चंबा से स्टाफ नर्सों के तबादले का मामला लाया गया है। इसको लेकर वह विधानसभा सत्र में भी आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी नर्सों का तबादला रोकने की मांग की है। नई नियुक्ति के साथ ट्रांसफर करने की मांग की गई है। इसे मुख्यमंत्री ने पूरा करने का आश्वासन दिया है।
ट्रांसफर से पहले नियुक्ति करें : नीरज
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा में पहले से नर्सों की कमी चली हुई है। ऐसे में दबाव में आकर यहां से नर्सों के तबादले कदापि सहन नहीं होंगा। उन्होंने कहा कि सरकार को मेडिकल कॉलेज चलाने और यहां के बाशिंदों के स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। सरकार को ट्रांसफर करने से पहले नई नियुक्ति करनी चाहिए ताकि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों की कमी न खले।
प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज से आठ स्टाफ नर्सें सरकार के ऑर्डर पर ट्रांसफर हो चुकी हैं। उनके स्थान पर दूसरी नर्सों की तैनाती नहीं हुई है। उन्होंने सरकार को चंबा में स्टाफ की कमी के बारे में अवगत करवा दिया है। सरकार से ट्रांसफर के बदले दूसरी नर्स की तैनाती करने का सुझाव भी दिया है।
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नौकरी पाने के लिए स्टाफ नर्सों ने चंबा मेडिकल कॉलेज में तैनाती तो दे दी। लेकिन अब यहां नौकरी करने के लिए वहे तैयार नहीं हैं। यहां से जाने के लिए वे अपने क्षेत्र से संबंधित मंत्री और विधायकों के डीओ नोट लगाकर ट्रांसफर करवाने में लगी हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार यहां से नर्सों की ट्रांसफर दूसरी जगह कर तो रही है। लेकिन उनके स्थान पर अन्य स्टाफ नर्सों की तैनाती नहीं की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में चंबा से सभी स्टाफ नर्सें अपने गृह जिले में चली जाएंगी। यहां मरीजों की देखभाल करने के लिए गिनी-चुनी नर्सें रह जाएंगी।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में इस समय 99 स्टाफ नर्सों के पद स्वीकृत हैं। इसमें से आठ नर्सें ट्रांसफर करवाकर जा चुकी हैं। आठ के ऑर्डर हो चुके हैं। प्रबंधन ने उन्हें अभी तक रिलीव नहीं किया है। नर्सें खुद को रिलीव करवाने के लिए मंत्री और विधायकों से फोन करवा रही हैं। इस काम में चंबा के राजनैतिक पार्टी के नेता भी शामिल हैं। जो प्रबंधन को नर्सें भेजने के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसा करने वाले केवल भाजपा पार्टी के नेता ही नहीं हैं बल्कि कांग्रेस के बड़े नेता भी शामिल हैं। इसको लेकर जिले वासियों में नेताओं के प्रति रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि हर कोई अपने घर के पास नौकरी करना चाहता है। लेकिन इसके लिए दूसरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को चरमराया नहीं जा सकता। सरकार नर्सों की ट्रांसफर करने पर उनके स्थान पर दूसरे की तैनाती भी करे।
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सीएम से तबादला रोकने की मांग : नैयर
सदर विधायक पवन नैयर ने बताया कि उनके ध्यान में चंबा से स्टाफ नर्सों के तबादले का मामला लाया गया है। इसको लेकर वह विधानसभा सत्र में भी आवाज उठा चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी नर्सों का तबादला रोकने की मांग की है। नई नियुक्ति के साथ ट्रांसफर करने की मांग की गई है। इसे मुख्यमंत्री ने पूरा करने का आश्वासन दिया है।
ट्रांसफर से पहले नियुक्ति करें : नीरज
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा में पहले से नर्सों की कमी चली हुई है। ऐसे में दबाव में आकर यहां से नर्सों के तबादले कदापि सहन नहीं होंगा। उन्होंने कहा कि सरकार को मेडिकल कॉलेज चलाने और यहां के बाशिंदों के स्वास्थ्य सुविधाओं की ओर अधिक ध्यान देना चाहिए। सरकार को ट्रांसफर करने से पहले नई नियुक्ति करनी चाहिए ताकि मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्सों की कमी न खले।
प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज से आठ स्टाफ नर्सें सरकार के ऑर्डर पर ट्रांसफर हो चुकी हैं। उनके स्थान पर दूसरी नर्सों की तैनाती नहीं हुई है। उन्होंने सरकार को चंबा में स्टाफ की कमी के बारे में अवगत करवा दिया है। सरकार से ट्रांसफर के बदले दूसरी नर्स की तैनाती करने का सुझाव भी दिया है।