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Chamba News: चंबा मेडिकल कॉलेज के आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी
Mon, 16 Oct 2023 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:03 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा को आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने अलविदा कह दिया है। नौकरी छोड़ने से पहले इन्होंने प्रबंधन को रिजाइन थमा दिए थे। इससे मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर डॉक्टरों की कमी हो गई है।
मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत डॉक्टरों के साठ प्रतिशत पदों के सहारे ही चलाया जा रहा है। इससे जहां मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं प्रबंधन को भी व्यवस्था बनाने में परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के 39 पद स्वीकृत हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार ने कुछ समय पहले ही चंबा में डॉक्टरों की तैनाती की थी। हाल ही में आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने चंबा में नौकरी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने प्रदेश के अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में जाने के लिए चंबा में रिजाइन दे दिया है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के 200 पद स्वीकृत हैं। इनमें चालीस प्रतिशत पद पांच सालों से खाली हैं। सरकार ने डॉक्टरों के रिक्त पद भरने का प्रयास किया है। सरकार ने चंबा में डॉक्टरों की तैनाती के आर्डर किए हैं। इसमें कुछ डॉक्टरों ने तो सरकार के आदेशों की पालना करते हुए चंबा में ज्वाइन कर लिया तो कुछ ने जुगाड़ लगाकर तबादला रद्द करवा लिया।
जिन आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिजाइन किया है, वे मेडिसिन सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सरोल में बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के नए भवन में कुछ विभागों को शिफ्ट करने की तैयारी में है, लेकिन डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने पर नए भवन में इन विभागों को संचालित करवाना प्रबंधन के लिए मुश्किल भी हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिजाइन दिया है। इससे चंबा में डॉक्टरों की कमी बढ़ी है। हालांकि, सरकार ने पिछले दिनों चंबा में डॉक्टरों की तैनाती की थी। डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
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मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज स्वीकृत डॉक्टरों के साठ प्रतिशत पदों के सहारे ही चलाया जा रहा है। इससे जहां मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं प्रबंधन को भी व्यवस्था बनाने में परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के 39 पद स्वीकृत हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार ने कुछ समय पहले ही चंबा में डॉक्टरों की तैनाती की थी। हाल ही में आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने चंबा में नौकरी करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने प्रदेश के अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में जाने के लिए चंबा में रिजाइन दे दिया है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के 200 पद स्वीकृत हैं। इनमें चालीस प्रतिशत पद पांच सालों से खाली हैं। सरकार ने डॉक्टरों के रिक्त पद भरने का प्रयास किया है। सरकार ने चंबा में डॉक्टरों की तैनाती के आर्डर किए हैं। इसमें कुछ डॉक्टरों ने तो सरकार के आदेशों की पालना करते हुए चंबा में ज्वाइन कर लिया तो कुछ ने जुगाड़ लगाकर तबादला रद्द करवा लिया।
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जिन आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिजाइन किया है, वे मेडिसिन सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत थे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन सरोल में बनाए जा रहे मेडिकल कॉलेज के नए भवन में कुछ विभागों को शिफ्ट करने की तैयारी में है, लेकिन डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने पर नए भवन में इन विभागों को संचालित करवाना प्रबंधन के लिए मुश्किल भी हो सकता है।
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मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि आठ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने रिजाइन दिया है। इससे चंबा में डॉक्टरों की कमी बढ़ी है। हालांकि, सरकार ने पिछले दिनों चंबा में डॉक्टरों की तैनाती की थी। डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है।