{"_id":"636e908cbc548d7c9216967d","slug":"eight-crores-spent-still-no-doppler-radar-chamba-news-sml4275590115","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ करोड़ किए खर्च, फिर भी नहीं लगा डाप्लर रडार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ करोड़ किए खर्च, फिर भी नहीं लगा डाप्लर रडार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खज्जियार (चंबा)। बादल फटना, तूफान या फिर बारिश होने का सटीक पूर्वानुमान देने की योजना जिले में धरी की धरी रह गई है। वर्ष 2021 में आठ करोड़ खर्च करने के बावजूद खरीदी गई मशीनरी भटियात विधानसभा क्षेत्र में गलने-सड़ने की कगार पर पहुंच चुकी है। बावजूद इसके अभी तक प्रदेश का दूसरा डाप्लर रडार चंबा जिले के जोत में स्थापित नहीं हो पाया है। इससे वर्तमान समय में भी मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की जानकारी पर ही जिलावासियों को निर्भर रहना पड़ रहा है।
प्रदेश में पहला डाप्लर रडार शिमला के कुफरी में स्थापित किया गया है। मौसम संबंधी जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से जिले के जोत में भी डाप्लर रडार स्थापित करने की योजना बनी। इसके तहत बाकायदा उपकरण भी खरीद लिए गए। कयास लगाए जा रहे थे कि दिसंबर 2021 तक रडार काम करना आरंभ कर देगा। बावजूद इसके अभी तक डाप्लर रडार काम करना तो दूर की बात है इसका स्ट्रक्चर तक स्थापित नहीं हो पाया है।
जिला मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर जोत स्थित है। पर्यटन स्थल समुद्र की सतह से 2,286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जोत में प्रस्तावित रडार 100 किमी के दायरे में 360 डिग्री एंगल पर कार्य करेगा। यह हिमालय समेत चारों दिशाओं के मौसम पर नजर रख सकेगा। इससे हवा की गति, दिशा, तापमान और आर्द्रता की महत्वपूर्ण जानकारी भी मिलती रहेगी।
विज्ञापन
सदर विधायक पवन नैयर ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद जोत में डाप्लर रडार स्थापित करवाया जाएगा जिससे मौसम की पल-पल की जानकारी हासिल हो सके।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होते ही जोत में डाप्लर रडार स्थापित किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश में पहला डाप्लर रडार शिमला के कुफरी में स्थापित किया गया है। मौसम संबंधी जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से जिले के जोत में भी डाप्लर रडार स्थापित करने की योजना बनी। इसके तहत बाकायदा उपकरण भी खरीद लिए गए। कयास लगाए जा रहे थे कि दिसंबर 2021 तक रडार काम करना आरंभ कर देगा। बावजूद इसके अभी तक डाप्लर रडार काम करना तो दूर की बात है इसका स्ट्रक्चर तक स्थापित नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय से 25 किमी की दूरी पर जोत स्थित है। पर्यटन स्थल समुद्र की सतह से 2,286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जोत में प्रस्तावित रडार 100 किमी के दायरे में 360 डिग्री एंगल पर कार्य करेगा। यह हिमालय समेत चारों दिशाओं के मौसम पर नजर रख सकेगा। इससे हवा की गति, दिशा, तापमान और आर्द्रता की महत्वपूर्ण जानकारी भी मिलती रहेगी।
विज्ञापन
सदर विधायक पवन नैयर ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद जोत में डाप्लर रडार स्थापित करवाया जाएगा जिससे मौसम की पल-पल की जानकारी हासिल हो सके।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज नैयर ने कहा कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। कांग्रेस सरकार के सत्तासीन होते ही जोत में डाप्लर रडार स्थापित किया जाएगा।