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आठ बच्चे दांत की बीमारी से निकले पीड़ित
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चंबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं।
कार्यक्रम के तहत पुखरी स्वास्थ्य खंड की टीम ने राजकीय माध्यमिक स्कूल, प्राथमिक पाठशाला सहित आंगनबाड़ी केंद्र हरदासपुरा में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान सबसे पहले बच्चों की लंबाई, वजन और खून की कमी को जांचा गया। उसके बाद अन्य बीमारियों की जटिलताओं को भी जांचा गया। टीम ने 156 स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की।
जांच में सामने आया कि आठ बच्चे दांत की बीमारी से पीड़ित पाए गए जबकि एक बच्चा सुनने और एक बोलने में असमर्थ पाया गया। इन बच्चों को इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इन बच्चों का अब पूरा इलाज मुफ्त किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ प्राथमिकता के आधार पर इन बच्चों का इलाज करेंगे। अगर बच्चों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला या टांडा मेडिकल कॉलेज भी रेफर किया जाता है तो वहां पर उनका सारा इलाज सरकारी खर्च पर होगा। इसके लिए मोबाइल हेल्थ टीम ने बच्चों को रेफर कार्ड दिए हैं। कार्ड को दिखाने पर अभिभावकों को बच्चों के इलाज के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. स्वाती और फार्मासिस्ट देवेंद्र कुमार ने सेवाएं दीं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करके बीमारी का पता लगाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत बीमार बच्चों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।
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कार्यक्रम के तहत पुखरी स्वास्थ्य खंड की टीम ने राजकीय माध्यमिक स्कूल, प्राथमिक पाठशाला सहित आंगनबाड़ी केंद्र हरदासपुरा में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान सबसे पहले बच्चों की लंबाई, वजन और खून की कमी को जांचा गया। उसके बाद अन्य बीमारियों की जटिलताओं को भी जांचा गया। टीम ने 156 स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की।
जांच में सामने आया कि आठ बच्चे दांत की बीमारी से पीड़ित पाए गए जबकि एक बच्चा सुनने और एक बोलने में असमर्थ पाया गया। इन बच्चों को इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इन बच्चों का अब पूरा इलाज मुफ्त किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ प्राथमिकता के आधार पर इन बच्चों का इलाज करेंगे। अगर बच्चों को इलाज के लिए आईजीएमसी शिमला या टांडा मेडिकल कॉलेज भी रेफर किया जाता है तो वहां पर उनका सारा इलाज सरकारी खर्च पर होगा। इसके लिए मोबाइल हेल्थ टीम ने बच्चों को रेफर कार्ड दिए हैं। कार्ड को दिखाने पर अभिभावकों को बच्चों के इलाज के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम में शामिल डॉ. नीरज गुप्ता, डॉ. स्वाती और फार्मासिस्ट देवेंद्र कुमार ने सेवाएं दीं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करके बीमारी का पता लगाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत बीमार बच्चों का मुफ्त इलाज किया जाएगा।
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