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निजी स्कूलों को प्रचार सामग्री में दर्शाना होगा आरक्षित सीटों का ब्योरा
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चंबा। निजी स्कूलों को अब आरटीई के तहत आरक्षित सीटों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। इस संदर्भ में प्रारंभिक शिक्षा विभाग चंबा ने जिला के समस्त निजी स्कूलों को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों के मुताबिक विज्ञापन देते वक्त आरटीई के तहत आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों का भी ब्योरा देना होगा। ताकि आरटीई के तहत गरीब तबके के विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा मिल सके।
उपायुक्त चंबा ने भी इस मामले में शिक्षा विभाग को पैनी नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो जिला में सौ से अधिक निजी स्कूल वर्तमान में चल रहे हैं। लेकिन इनमें से कुछ स्कूल ही हैं जो आरटीई के तहत आरक्षित विभिन्न श्रेणियों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। जबकि अधिकतर स्कूल इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। शिक्षा विभाग भी समय-समय पर इस संदर्भ में निजी स्कूलों से ब्योरे की मांग करता है। लेकिन, अधिकतर स्कूल यह ब्योरा विभाग को भेजना जरूरी नहीं समझते। ऐसे में इस मामले को लेकर उपायुक्त के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। इसके बाद विभाग ने प्रवेश प्रचार सामग्री में आरक्षित सीटों का ब्योरा भी शामिल करने के आदेश दिए हैं।
रिन्यूअल न करवाने पर मान्यता होगी रद्द
वर्ष 2020-2021 में निजी स्कूलों को रिन्यूअल भी करवाना होगा। इस संदर्भ में समस्त औपचारिकताएं पूरी कर निजी स्कूल संचालकों को फाइल 29 फरवरी तक विभाग के कार्यालय भेजनी होगी। अगर निजी स्कूल प्रबंधक यह फाइल जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी मान्यता रद्द समझी जाएगी। विभाग ने इस मामले में लापरवाही के लिए स्कूल संचालकों की जिम्मेवारी तय की है।
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जिला उप शिक्षा अधिकारी हितेंद्र कुमार ने बताया कि इस संदर्भ में निजी स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त के आदेशों अनुसार पत्राचार भी किया जाएगा।
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उपायुक्त चंबा ने भी इस मामले में शिक्षा विभाग को पैनी नजर बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो जिला में सौ से अधिक निजी स्कूल वर्तमान में चल रहे हैं। लेकिन इनमें से कुछ स्कूल ही हैं जो आरटीई के तहत आरक्षित विभिन्न श्रेणियों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। जबकि अधिकतर स्कूल इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। शिक्षा विभाग भी समय-समय पर इस संदर्भ में निजी स्कूलों से ब्योरे की मांग करता है। लेकिन, अधिकतर स्कूल यह ब्योरा विभाग को भेजना जरूरी नहीं समझते। ऐसे में इस मामले को लेकर उपायुक्त के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। इसके बाद विभाग ने प्रवेश प्रचार सामग्री में आरक्षित सीटों का ब्योरा भी शामिल करने के आदेश दिए हैं।
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रिन्यूअल न करवाने पर मान्यता होगी रद्द
वर्ष 2020-2021 में निजी स्कूलों को रिन्यूअल भी करवाना होगा। इस संदर्भ में समस्त औपचारिकताएं पूरी कर निजी स्कूल संचालकों को फाइल 29 फरवरी तक विभाग के कार्यालय भेजनी होगी। अगर निजी स्कूल प्रबंधक यह फाइल जमा नहीं करवाते हैं तो उनकी मान्यता रद्द समझी जाएगी। विभाग ने इस मामले में लापरवाही के लिए स्कूल संचालकों की जिम्मेवारी तय की है।
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जिला उप शिक्षा अधिकारी हितेंद्र कुमार ने बताया कि इस संदर्भ में निजी स्कूलों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। उपायुक्त के आदेशों अनुसार पत्राचार भी किया जाएगा।