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धूप घड़ी-आहला सड़क हेरिटेज मार्ग घोषित
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डलहौजी (चंबा)। डलहौजी के लोगों को वहां की ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी देने के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया। इसमें उपायुक्त डीसी राणा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
उन्होंने डलहौजी की ठंडी सड़क का कुछ भाग, पंचपुला मार्ग और बकरोटा में धूप घड़ी से आहला तक राउंड मार्ग को हेरिटेज मार्ग घोषित किया। राउंड मार्ग को टैगोर मुद्रिका मार्ग का नाम भी दिया। यहां उन्होंने रविंद्रनाथ टैगोर की मूर्ति का अनावरण किया। कला एवं लेखक मंच डलहौजी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन से जुड़े लोग इन हेरिटेज वॉक को बढ़ावा दें। कहा कि डलहौजी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यहां पर सैर-सपाटे के लिए पहुंचने वाले सैलानियों को यहां की हेरिटेज धरोहरों की जानकारी देना बहुत जरूरी है। इससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बकरोटा क्षेत्र में लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर हेरिटेज वॉक की। गौरतलब है कि रविंद्रनाथ टैगोर इसी क्षेत्र में स्थित स्नोडन नामक भवन में रुके थे और अपने महान काव्य गीतांजलि को लिखने की शुरुआत उन्होंने यहीं पर की थी। उन्हीं की याद में इस मार्ग को टैगोर हेरिटेज मार्ग का नाम दिया गया है।
डलहौजी के उपमंडलाधिकारी जगन ठाकुर ने भी इस हेरिटेज वॉक के महत्व पर अपने विचार रखे। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले जब उपायुक्त डलहौजी में बतौर उपमंडलाधिकारी कार्यरत थे, तब उन्होंने हेरिटेज वॉक बनाए जाने की योजना बनाई थी। उपायुक्त ने डलहौजी पब्लिक स्कूल की तरफ से बनाए गए पार्क का भी अवलोकन किया। इस पार्क में सेना युद्ध में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी रखी गई है जो सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। इस अवसर पर डॉ. जीएस ढिल्लो, डॉ. विपिन ठाकुर, राखी कौशल, अशोक महाजन, पूनम धवन, संजीव कौशल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने डलहौजी की ठंडी सड़क का कुछ भाग, पंचपुला मार्ग और बकरोटा में धूप घड़ी से आहला तक राउंड मार्ग को हेरिटेज मार्ग घोषित किया। राउंड मार्ग को टैगोर मुद्रिका मार्ग का नाम भी दिया। यहां उन्होंने रविंद्रनाथ टैगोर की मूर्ति का अनावरण किया। कला एवं लेखक मंच डलहौजी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन से जुड़े लोग इन हेरिटेज वॉक को बढ़ावा दें। कहा कि डलहौजी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। यहां पर सैर-सपाटे के लिए पहुंचने वाले सैलानियों को यहां की हेरिटेज धरोहरों की जानकारी देना बहुत जरूरी है। इससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बकरोटा क्षेत्र में लगभग पांच किलोमीटर पैदल चलकर हेरिटेज वॉक की। गौरतलब है कि रविंद्रनाथ टैगोर इसी क्षेत्र में स्थित स्नोडन नामक भवन में रुके थे और अपने महान काव्य गीतांजलि को लिखने की शुरुआत उन्होंने यहीं पर की थी। उन्हीं की याद में इस मार्ग को टैगोर हेरिटेज मार्ग का नाम दिया गया है।
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डलहौजी के उपमंडलाधिकारी जगन ठाकुर ने भी इस हेरिटेज वॉक के महत्व पर अपने विचार रखे। गौरतलब है कि कुछ वर्ष पहले जब उपायुक्त डलहौजी में बतौर उपमंडलाधिकारी कार्यरत थे, तब उन्होंने हेरिटेज वॉक बनाए जाने की योजना बनाई थी। उपायुक्त ने डलहौजी पब्लिक स्कूल की तरफ से बनाए गए पार्क का भी अवलोकन किया। इस पार्क में सेना युद्ध में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी रखी गई है जो सैलानियों को अपनी तरफ आकर्षित करती है। इस अवसर पर डॉ. जीएस ढिल्लो, डॉ. विपिन ठाकुर, राखी कौशल, अशोक महाजन, पूनम धवन, संजीव कौशल आदि मौजूद रहे।
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