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जंगलों में वन काटुओं पर नजर रखेगा ड्रोन
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चंबा। वन विभाग अब जंगलों में अवैध रूप से पेड़ों को काटने वाले वन काटुओं पर ड्रोन से नजर रखेगा। इसके लिए चंबा वन मंडल ने एक ड्रोन भी खरीद लिया है। इसके इस्तेमाल के लिए एक बीट अफसर और तीन वन रक्षकों को प्रशिक्षण देने की तैयारी की जा रही है। प्रशिक्षण के बाद ये कर्मचारी ड्रोन को जंगलों में उड़ाएंगे और वनों की वास्तुस्थिति का पता लगाएंगे। इससे विभाग को आने वाले समय में कई फायदे मिलने वाले हैं। दूरदराज के इलाकों में पौधरोपण करने के उपरांत विभागीय कर्मचारी पौधों की वास्तुस्थिति का पता नहीं लगा पाते थे, ऐसे क्षेत्रों में ड्रोन से आसानी ने निगरानी की जा सकेगी। इन दिनों जंगलों में फायर सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में कुछ जंगलों में आग की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
ऐसे में जंगलों में आग लगाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि शरारती तत्व जंगल में आग लगाने के बाद वहां से गायब हो जाते हैं। जब तक विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है, तब तक वे लापता हो चुके होते हैं। ऐसे में ऐसे शरारती तत्वों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। फिलहाल, विभाग ड्रोन के इस्तेमाल के लिए बीट अफसर सुनील कुमार और तीन वन रक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था कर रहा है। प्रशिक्षण के दौरान इन कर्मचारियों को हरीपुर के जंगल में ट्रायल भी करवाया जाएगा।
सर्दियों में जंगलों में जानवरों का अवैध शिकार करने वाले शिकारियों पर भी ड्रोन के जरिये नजर रखी जा सकेगी। सर्दियों में बर्फबारी अधिक होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों से जानवर खाने की तलाश में निचले इलाकों में पहुंचते हैं। ऐसे में शिकारी उनके शिकार के लिए पहले ही बंदूकें ताने रहते हैं।
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वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि जंगलों में वन काटुओं पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कारगर साबित होगा। इसमें कम समय में बड़े क्षेत्रफल में जंगल की निगरानी की जा सकेगी।
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ऐसे में जंगलों में आग लगाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि शरारती तत्व जंगल में आग लगाने के बाद वहां से गायब हो जाते हैं। जब तक विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है, तब तक वे लापता हो चुके होते हैं। ऐसे में ऐसे शरारती तत्वों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। फिलहाल, विभाग ड्रोन के इस्तेमाल के लिए बीट अफसर सुनील कुमार और तीन वन रक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था कर रहा है। प्रशिक्षण के दौरान इन कर्मचारियों को हरीपुर के जंगल में ट्रायल भी करवाया जाएगा।
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सर्दियों में जंगलों में जानवरों का अवैध शिकार करने वाले शिकारियों पर भी ड्रोन के जरिये नजर रखी जा सकेगी। सर्दियों में बर्फबारी अधिक होने से ऊंचाई वाले क्षेत्रों से जानवर खाने की तलाश में निचले इलाकों में पहुंचते हैं। ऐसे में शिकारी उनके शिकार के लिए पहले ही बंदूकें ताने रहते हैं।
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वनमंडलाधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि जंगलों में वन काटुओं पर शिकंजा कसने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कारगर साबित होगा। इसमें कम समय में बड़े क्षेत्रफल में जंगल की निगरानी की जा सकेगी।