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Chamba News: मोबाइल का गुलाम न बनें, सोशल मीडिया में न डालें निजी जानकारी
Wed, 20 May 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 20 May 2026 10:54 PM IST
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डीएसपी चंबा बलदेव दत्त ने बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पीएमश्री राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा में बुधवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डीएसपी चंबा बलदेव दत्त ने बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। डीएसपी ने कहा कि बच्चों को मोबाइल का गुलाम बनने के बजाय मोबाइल को अपना गुलाम बनाना चाहिए। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। मोबाइल फोन का पासवर्ड हमेशा मजबूत रखना चाहिए जिससे साइबर बुलिंग और डाटा चोरी जैसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने बच्चों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। हैकर अकसर इसी माध्यम से मोबाइल का डाटा चुरा लेते हैं। उन्होंने बच्चों को बताया कि यदि कोई साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime. gov. in पर जानकारी दें। कार्यवाहक प्रधानाचार्य रचना ठाकुर, लेक्चरार धीरज ठाकुर, अध्यापक वर्ग में मनी, हितेश चौणा समेत अन्य मौजूद रहे।
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बच्चों के प्रश्न और उनके जवाब
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प्रश्न : जमा दो कक्षा की पल्लवी ने पूछा कि गुड टच और बैड टच की पहचान कैसे करें?
जवाब : पुलिस ने स्कूल को सलाह दी कि बच्चों को पोस्टर और चित्रों के माध्यम से इसके बारे में समझाया जाए ताकि वे आसानी से सही और गलत स्पर्श पहचान सकें।
प्रश्न : जमा दो के विद्यार्थी अनुराग ने पूछा कि अकेले सफर करते समय खुद को कैसे बचाएं?
जवाब : सफर के दौरान अज्ञात लोगों से बातचीत नहीं करनी चाहिए। किसी परेशानी में फंसने पर तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें।
प्रश्न : जमा दो के छात्र युवराज ने कहा कि ऑनलाइन बुलिंग से कैसे बचें?
जवाब : अपनी निजी जानकारी गुप्त रखें और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें।
प्रश्न : हर्षित नेगी ने पूछा कि फेक कॉल और फेक ऑनलाइन मैसेज से कैसे बचें?
जवाब : संचार साथी एप का उपयोग करें। यह एप फेक कॉल और फर्जी मैसेज की पहचान करने में मदद करता है।
प्रश्न : जमा दो की छात्रा स्नेहा ने सवाल किया कि बच्चे समाज को बेहतर बनाने में किस तरह योगदान दे सकते हैं?
जवाब : नशीले पदार्थों से दूर रहकर और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाकर बच्चे समाज को बेहतर बना
सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पीएमश्री राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा में बुधवार को आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बच्चों को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल और गुड टच-बैड टच के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डीएसपी चंबा बलदेव दत्त ने बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करने की सलाह दी। डीएसपी ने कहा कि बच्चों को मोबाइल का गुलाम बनने के बजाय मोबाइल को अपना गुलाम बनाना चाहिए। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। मोबाइल फोन का पासवर्ड हमेशा मजबूत रखना चाहिए जिससे साइबर बुलिंग और डाटा चोरी जैसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने बच्चों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। हैकर अकसर इसी माध्यम से मोबाइल का डाटा चुरा लेते हैं। उन्होंने बच्चों को बताया कि यदि कोई साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या साइबर क्राइम की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime. gov. in पर जानकारी दें। कार्यवाहक प्रधानाचार्य रचना ठाकुर, लेक्चरार धीरज ठाकुर, अध्यापक वर्ग में मनी, हितेश चौणा समेत अन्य मौजूद रहे।
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बच्चों के प्रश्न और उनके जवाब
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प्रश्न : जमा दो कक्षा की पल्लवी ने पूछा कि गुड टच और बैड टच की पहचान कैसे करें?
जवाब : पुलिस ने स्कूल को सलाह दी कि बच्चों को पोस्टर और चित्रों के माध्यम से इसके बारे में समझाया जाए ताकि वे आसानी से सही और गलत स्पर्श पहचान सकें।
प्रश्न : जमा दो के विद्यार्थी अनुराग ने पूछा कि अकेले सफर करते समय खुद को कैसे बचाएं?
जवाब : सफर के दौरान अज्ञात लोगों से बातचीत नहीं करनी चाहिए। किसी परेशानी में फंसने पर तुरंत 112 नंबर पर कॉल करें।
प्रश्न : जमा दो के छात्र युवराज ने कहा कि ऑनलाइन बुलिंग से कैसे बचें?
जवाब : अपनी निजी जानकारी गुप्त रखें और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें।
प्रश्न : हर्षित नेगी ने पूछा कि फेक कॉल और फेक ऑनलाइन मैसेज से कैसे बचें?
जवाब : संचार साथी एप का उपयोग करें। यह एप फेक कॉल और फर्जी मैसेज की पहचान करने में मदद करता है।
प्रश्न : जमा दो की छात्रा स्नेहा ने सवाल किया कि बच्चे समाज को बेहतर बनाने में किस तरह योगदान दे सकते हैं?
जवाब : नशीले पदार्थों से दूर रहकर और साइबर अपराध के प्रति जागरूकता फैलाकर बच्चे समाज को बेहतर बना
सकते हैं।