चार घंटे बाद भी नहीं आई एंबुलेंस, चली गई बच्ची की जान
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108 एंबुलेंस के इंतजार में दो दिन की मासूम की जान चली गई। चार घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची और न ही अस्पताल के डॉक्टरों ने कुछ किया। बच्ची ने आखिरकार दम तोड़ दिया। यह सनसनीखेज मामला हिमाचल के चंबा का है।
यहां उपमंडल भरमौर की घरेड़ पंचायत के करतार सिंह पुत्र धनिया राम ने अतिरिक्त दंडाधिकारी विनय धीमान को डॉक्टरों व 108 एंबुलेंस कर्मचारियों की लापरवाही से बच्ची की मौत की शिकायत की है।
उन्होंने शिकायत में बताया कि 19 सितंबर को घरेड़ में उसकी पत्नी ने बच्ची को जन्म दिया था। 21 सितंबर को बच्ची ने मां का दूध नहीं पिया। जिसकी वजह से उसे नजदीकी अस्पताल भरमौर ले आए।
भरमौर में बच्ची की जांच करने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को चंबा रेफर कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को ऑक्सीजन में रखने की जरूरत है। उन्होंने बच्ची के पिता से 108 नंबर पर संपर्क करने को कहा।
बच्ची के पिता करतार सिंह के अनुसार ग्यारह बजे से करीब दो बजे तक वे बच्ची के साथ अस्पताल में एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहे। लेकिन एंबुलेंस नहीं आई। मजबूरी में उन्होंने एक निजी गाड़ी से बच्ची को चंबा ले जाने का मन बना लिया।
डॉक्टरों ने कहा एंबुलेंस का करो इंतजार, मगर नहीं आई 108
जिस पर डॉक्टरों ने उन्हें निजी वाहन में बच्ची को ले जाने से मना कर दिया। डॉक्टरों ने करतार सिंह को तर्क दिया कि बच्ची को 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन के साथ चंबा पहुंचाना पड़ेगा। जबकि यह सुविधा निजी वाहन में नहीं मिल पाएगी। तीन बजे तक एंबुलेंस न मिल पाने की वजह से बच्ची की मौत हो गई। करतार सिंह ने इस लापरवाही की शिकायत एडीएम विनय धीमान से की है।
बिना ऑक्सीजन नहीं भेज सकते थे : बीएमओ
उधर, भरमौर के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आदित्य ठाकुर का कहना है कि बुधवार को करीब ग्यारह बजे बच्ची को अस्पताल लाया गया था। बच्ची दूध नहीं पी रही थी, उसकी हालत नाजुक थी। बच्ची की मां दूध पिलाने की कोशिश कर रही थी। दूध श्वास नली में अटक गया था। जिसे ऑक्सीजन के साथ ही चंबा रेफर किया जा सकता था।
दो दिन में जांच की रिपोर्ट दें : एडीएम
एडीएम विनय धीमान ने दो दिन में एसडीएम डॉ. जितेंद्र कंवर को इस मामले की रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ एसडीएम भरमौर डॉ. जितेंद्र कंवर ने थाना प्रभारी को भी मामले की जांच करने की बात कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ऑक्सीजन का सिलेंडर दे देते : पिता
बच्ची के पिता करतार सिंह ने बताया कि भरमौर अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने बिना ऑक्सीजन के उसे बच्ची न ले जाने की सलाह दी। जबकि वह निजी वाहन में भी ऑक्सीजन लगा सकते थे। यदि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो ऑक्सीजन का सिलेंडर देकर भी उनकी बच्ची को रेफर किया जा सकता था।
कॉल रिकॉर्ड हुई होगी, जांच करेंगे : 108 प्रभारी
108 एंबुलेंस के हिमाचल के मार्केटिंग प्रबंधक अभिषेक भंगालिया का कहना है कि एंबुलेंस के लिए यदि कॉल आई होगी तो उसका रिकॉर्ड मौजूद होगा। एंबुलेंस सेवा की हर कॉल रिकॉर्ड की जाती है। यदि कहीं गलती हुई है तो उसकी उचित जांच करेंगे और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।