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Chamba News: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग, चंबा में सीटू और एसएफआई का प्रदर्शन
Sat, 10 Oct 2026 10:43 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 10 Oct 2026 10:43 PM IST
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मुख्य चुनाव आयुक्त का धू-धू कर जलता पूतला। जागरूक पाठक
ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर जताया विरोध, एसआईआर में नाम काटने पर उठाए सवाल
मतदाता सूची से हटाए गए पात्रों के नाम जोड़ने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सीटू और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों से चर्चा किए बिना फैसले ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित रूप से आपत्ति जताई है। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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उन्होंने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने पर भी विरोध जताया। वक्ताओं के अनुसार, इस प्रक्रिया से युवाओं सहित अन्य मतदाताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
वक्ताओं ने वर्ष 2023 में लागू चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून का विरोध करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियुक्तियों और निर्णयों में पारदर्शिता जरूरी है।
प्रदर्शनकारियों ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के मार्च के दौरान कथित गिरफ्तारियों की भी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस दौरान सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, विपिन शर्मा और एसएफआई के चैन, हसन, प्रेम, भूपेंद्र, इकबाल, नारायण व संजीव कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सीटू के जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि संगठन चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
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मतदाता सूची से हटाए गए पात्रों के नाम जोड़ने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सीटू और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों से चर्चा किए बिना फैसले ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में 14 बार लिखित रूप से आपत्ति जताई है। वक्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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उन्होंने एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने पर भी विरोध जताया। वक्ताओं के अनुसार, इस प्रक्रिया से युवाओं सहित अन्य मतदाताओं को परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
वक्ताओं ने वर्ष 2023 में लागू चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून का विरोध करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बदलाव की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियुक्तियों और निर्णयों में पारदर्शिता जरूरी है।
प्रदर्शनकारियों ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों के मार्च के दौरान कथित गिरफ्तारियों की भी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए।
इस दौरान सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र कुमार, विपिन शर्मा और एसएफआई के चैन, हसन, प्रेम, भूपेंद्र, इकबाल, नारायण व संजीव कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। सीटू के जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने कहा कि संगठन चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।