चंबा। मुस्लिम समुदाय ने पहली बार शब-ए-बरात की इबादत अपने घर से की। इससे पहले इबादत मस्जिदों में होती थी लेकिन यह पहला मौका है, जब विशेष समुदाय के लोगों ने अपने घर से इबादत कर अपने पूर्वजों के लिए, कोरोना जैसी महामारी से निजात पाने, अपने गुनाहों की माफी मांग मुल्क के लिए दुआएं मांगीं। रमजान का महीना शुरू होने से 15 दिन पहले शब-ए-बरात की इबादत की जाती है। इसके बाद शुक्रवार को शाहबान का रोजा रखा गया। मान्यता है कि शब-ए-बरात का दिन खास इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन इंसानों (मोमिनों) की तकदीर लिखी जाती है। शब-ए-बरात की इबादत में अल्लाह ताला का जिक्र किया जाता है। अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष इसरार अली शाह ने बताया कि शब-ए-बरात की इबादत का सफल आयोजन हुआ। इस बार लोगों ने अपने घरों से इबादत और नमाज अदा कर संसार की सुरक्षा के लिए दुआएं मांगीं।
जयिमतुल उल्माएं हिंद जिला चंबा के अध्यक्ष मौलाना ताजुुदीन मजहरी का कहना है कि शब-ए-बरात के दौरान लोगों ने अपने घर में इबादत की और देश की खुशहाली की कामना की।