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कांगड़ा, बैजनाथ, पपरोला, धर्मशाला और नूरपुर से मतदाताओं का पलायन शुरू
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंबा
Updated Mon, 23 Nov 2015 06:58 PM IST
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भरमौर में होने वाले पंचायतीराज चुनाव के लिए कांगड़ा, बैजनाथ, पपरोला, धर्मशाला व नूरपुर क्षेत्रों से मतदाताओं ने भरमौर के लिए कूच करना शुरू कर दिया है ताकि छब्बीस नवंबर को होने वाली चुनाव प्रक्रिया में वह मतदान से छूट न जाएं।
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ऐसे में भरमौर में खाली पड़ चुके गांव व मोहल्लों में रौनक वापस लौटनी शुरू हो चुकी है। जल्द ही यहां पर चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने व वार्षिक परीक्षाएं हो जाने के बाद सन्नाटा छा जाएगा। यहां के लगभग साठ प्रतिशत से अधिक बाशिंदे सर्दियां काटने के लिए निचले क्षेत्रों में चले जाते हैं।
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उल्लेखनीय है कि पुराने समय में भरमौर के अधिकतर लोग भेड़ पालन करते थे। ऐसे में यह लोग सर्दियों के समय अपने रेवड़ की भूख शांत करने के लिए भरमौर के ऊपरी क्षेत्रों जैसे, इंद्रहारपास, तांलग जोत, जालसू जोत, कुवारंसी जोत को पार करके कांगड़ा जिले के उपरोक्त क्षेत्रों में पलायन कर जाते थे।
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इसी प्रक्रिया के चलते इन लोगों ने दोनों ओर अपने आशियाने बनाए, जो कि आज भी सर्दियों में निचले क्षेत्रों तो गर्मियों में भरमौर की ऊपरी पहाड़ियों की हरी चरागाहों में अपने रेवड़ों के साथ अकसर दिख जाते हैं।
फिलहाल भरमौर में चुनाव की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रशासन काफी सतर्क है ताकि मतदाता एक जगह पर ही मतदान करें।
इनसेट...
एक ही जगह मिलेगा मतदान का अधिकार : बीडीओ
खंड विकास अधिकारी विवेक चौहान ने बताया कि इस दिशा में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। यहां पर मतदान करने वाले मतदाता को पंचायतीराज चुनाव 2015 में दूसरी जगह मतदान करने का अधिकार नहीं है। पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।