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खांसी, बुखार और जुकाम वाले मरीजों के होंगे कोविड टेस्ट
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चंबा। खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षणों वाले मरीज अब सीधे ओपीडी में नहीं जा पाएंगे। ओपीडी में जाने से पहले इन मरीजों को कोरोना टेस्ट करवाना होगा। उसकी रिपोर्ट आने के बाद मरीजों को ओपीडी में प्रवेश मिलेगा। यह फैसला मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोरोना के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए लिया है।
पंजीकरण केंद्र में इसके लिए दो स्टाफ नर्सों को तैनात किया गया है जो पंजीकरण करवाने के लिए आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करती हैं। मरीज से सबसे पहले उसकी बीमारी के बारे में पूछा जा रहा है। अगर मरीज यह बताता है कि उसे खांसी, बुखार या जुकाम है तो उसे कोरोना टेस्ट करवाने के लिए कहा जा रहा है। जबकि अन्य मरीजों को कोरोना टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। पांच वर्ष से अधिक उम्र वाले बच्चों को भी ऐसे लक्षणों में कोविड टेस्ट करवाने के लिए कहा जा रहा है। सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को कोरोना से बचाने के लिए कोविड लक्षणों वाले मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 1,000 की ओपीडी रहती है। इसमें बाल रोग, मेडिसिन और गायनी ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीजों की भीड़ रहती है। इन मरीजों में कोविड लक्षणों वाले मरीज भी पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों को अब ओपीडी में जाने से पहले कोरोना टेस्ट करवाना होगा। कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए कोविड टेस्ट जरूरी किए गए हैं। ये टेस्ट सिर्फ कोविड संबंधित लक्षणों वाले मरीजों के किए जाएंगे।
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पंजीकरण केंद्र में इसके लिए दो स्टाफ नर्सों को तैनात किया गया है जो पंजीकरण करवाने के लिए आने वाले मरीजों की स्क्रीनिंग करती हैं। मरीज से सबसे पहले उसकी बीमारी के बारे में पूछा जा रहा है। अगर मरीज यह बताता है कि उसे खांसी, बुखार या जुकाम है तो उसे कोरोना टेस्ट करवाने के लिए कहा जा रहा है। जबकि अन्य मरीजों को कोरोना टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। पांच वर्ष से अधिक उम्र वाले बच्चों को भी ऐसे लक्षणों में कोविड टेस्ट करवाने के लिए कहा जा रहा है। सामान्य लक्षणों वाले मरीजों को कोरोना से बचाने के लिए कोविड लक्षणों वाले मरीजों के टेस्ट किए जा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज चंबा में रोजाना 1,000 की ओपीडी रहती है। इसमें बाल रोग, मेडिसिन और गायनी ओपीडी में सबसे ज्यादा मरीजों की भीड़ रहती है। इन मरीजों में कोविड लक्षणों वाले मरीज भी पहुंचते हैं। ऐसे मरीजों को अब ओपीडी में जाने से पहले कोरोना टेस्ट करवाना होगा। कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए कोविड टेस्ट जरूरी किए गए हैं। ये टेस्ट सिर्फ कोविड संबंधित लक्षणों वाले मरीजों के किए जाएंगे।
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