{"_id":"60f6c1298ebc3e384f2124a6","slug":"covid-test-not-necessary-in-medical-college-now-chamba-news-sml3775047120","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज में अब नहीं होंगे सभी मरीजों के कोविड टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज में अब नहीं होंगे सभी मरीजों के कोविड टेस्ट
विज्ञापन
Coronavirus economic impact concept image
- फोटो : Feydzhet Shabanov - stock.adobe.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में अब ओपीडी में जाने से पहले मरीजों को कोरोना टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीजों को हो रही समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कोरोना टेस्ट करवाने की शर्त में छूट दी है। अब कोरोना लक्षणों वाले मरीजों के ही ओपीडी में जाने से पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पंजीकरण केंद्र के बाहर स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगा दी है।
ये नर्सें पर्ची बनाने के बाद मरीजों से कोरोना संबंधी लक्षणों के बारे में पूछताछ करेंगी। उसके बाद ही मरीजों को ओपीडी में भेजा जाएगा। जिन मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होंगे, ऐसे मरीजों को सीधे ओपीडी में नहीं भेजा जाएगा। उन्हें पहले रैट में अपना कोविड टेस्ट करवाना होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को ओपीडी में जाने की अनुमति मिलेगी। जबकि, सामान्य मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय जांच करवाने में अब कोई परेशानी नहीं होगी।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने ओपीडी में जाने से पूर्व मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाने की व्यवस्था की थी। लेकिन, इस व्यवस्था से सामान्य मरीजों को भी परेशानी हो रही थी। उन्हें कोविड टेस्ट के लिए काफी देर तक लाइनों में खड़े होना पड़ रहा था। इसको लेकर मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला प्रशासन के पास शिकायतें भी कर रहे थे। मरीजों की समस्या को देखते हुए अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोविड टेस्ट की शर्त में छूट दी है।
विज्ञापन
कोविड टेस्ट में छूट मिलने से ओपीडी में मरीजों की संख्या में पचास फीसदी बढ़ोतरी हुई है। पहले ओपीडी में 250 की ओपीडी हो रही थी लेकिन, कोविड टेस्ट में छूट मिलने के बाद ओपीडी की संख्या 500 तक पहुंच गई है। इस संख्या में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी होगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि मरीजों की समस्या को देखते हुए कोविड टेस्ट में छूट दी गई है। अब लक्षणों वाले मरीजों के ही कोविड टेस्ट किए जाएंगे। सामान्य मरीजों के ओपीडी में जाने के लिए कोविड टेस्ट नहीं होगा।
विज्ञापन
ये नर्सें पर्ची बनाने के बाद मरीजों से कोरोना संबंधी लक्षणों के बारे में पूछताछ करेंगी। उसके बाद ही मरीजों को ओपीडी में भेजा जाएगा। जिन मरीजों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होंगे, ऐसे मरीजों को सीधे ओपीडी में नहीं भेजा जाएगा। उन्हें पहले रैट में अपना कोविड टेस्ट करवाना होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मरीजों को ओपीडी में जाने की अनुमति मिलेगी। जबकि, सामान्य मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय जांच करवाने में अब कोई परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने ओपीडी में जाने से पूर्व मरीजों के कोरोना टेस्ट करवाने की व्यवस्था की थी। लेकिन, इस व्यवस्था से सामान्य मरीजों को भी परेशानी हो रही थी। उन्हें कोविड टेस्ट के लिए काफी देर तक लाइनों में खड़े होना पड़ रहा था। इसको लेकर मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला प्रशासन के पास शिकायतें भी कर रहे थे। मरीजों की समस्या को देखते हुए अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोविड टेस्ट की शर्त में छूट दी है।
विज्ञापन
कोविड टेस्ट में छूट मिलने से ओपीडी में मरीजों की संख्या में पचास फीसदी बढ़ोतरी हुई है। पहले ओपीडी में 250 की ओपीडी हो रही थी लेकिन, कोविड टेस्ट में छूट मिलने के बाद ओपीडी की संख्या 500 तक पहुंच गई है। इस संख्या में आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी होगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि मरीजों की समस्या को देखते हुए कोविड टेस्ट में छूट दी गई है। अब लक्षणों वाले मरीजों के ही कोविड टेस्ट किए जाएंगे। सामान्य मरीजों के ओपीडी में जाने के लिए कोविड टेस्ट नहीं होगा।