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वान के पेडों को नुक्सान पहुंचाने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने की शिकायत
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भरमौर (चंबा)। घरेड़ पंचायत के पंजसेई नाग मंदिर के पास बान के पेड़ों को काटने की शिकायत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भजन ठाकुर ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली में की है। मंदिर के साथ लगते बान के जंगल से स्थानीय लोग पेड़ों की लकड़ियां भी नहीं काटते है।
लोगों की मान्यता है कि इस जंगल में नाग का वास होता है। भजन ठाकुर ने कहा कि चार दिन पहले उपरोक्त स्थान पर जेसीबी से बान के पेड़ों को तहस-नहस किया गया। इस कार्य को रोकने के लिए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल वनमंडलाधिकारी से मिला था। मगर वनमंडलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों को उपमंडलाधिकारी से उपरोक्त स्थान की निशानदेही करवाने को भी कहा गया।
उन्होंने कहा कि समय पर वन विभाग ने संज्ञान लिया होता तो शायद जंगल को इतना नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि भरमौर क्षेत्र में दो बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है। मगर यहां टनलों और सड़क निर्माण से निकलने वाला मलबा डंपिंग साइट में न फेंकर कर नदी-नालों में फेंका जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसको लेकर वन विभाग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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वन मंडल अधिकारी सन्नी कुमार ने बताया कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर आठ हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।
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लोगों की मान्यता है कि इस जंगल में नाग का वास होता है। भजन ठाकुर ने कहा कि चार दिन पहले उपरोक्त स्थान पर जेसीबी से बान के पेड़ों को तहस-नहस किया गया। इस कार्य को रोकने के लिए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल वनमंडलाधिकारी से मिला था। मगर वनमंडलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों को उपमंडलाधिकारी से उपरोक्त स्थान की निशानदेही करवाने को भी कहा गया।
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उन्होंने कहा कि समय पर वन विभाग ने संज्ञान लिया होता तो शायद जंगल को इतना नुकसान नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि भरमौर क्षेत्र में दो बड़े हाइड्रो प्रोजेक्ट का कार्य प्रगति पर है। मगर यहां टनलों और सड़क निर्माण से निकलने वाला मलबा डंपिंग साइट में न फेंकर कर नदी-नालों में फेंका जा रहा है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इसको लेकर वन विभाग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
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वन मंडल अधिकारी सन्नी कुमार ने बताया कि पेड़ों को नुकसान पहुंचाने पर आठ हजार रुपये का जुर्माना ठोका गया है।