फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Chemical ends in medical college, tests are not being done

मेडिकल कॉलेज में केमिकल खत्म, नहीं हो रहे टेस्ट

Thu, 19 May 2022 09:48 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 09:48 PM IST
विज्ञापन
Chemical ends in medical college, tests are not being done
चंबा मेडिकल कालेज परिसर में व्हील चेयर पर मरीज को ले जाता परिजन। संवाद - फोटो : Chamba
चंबा। दिन : वीरवार। स्थान : पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा। समय: सुबह 11:00 बजे। प्रयोगशाला में मरीज अपना टेस्ट करवाने के लिए हाथ में चिकित्सक की पर्ची लेकर पहुंच रहे हैं। यहां मरीजों के टेस्ट नहीं किए जा रहे हैं। उन्हें टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल के खत्म होने का हवाला देकर लौटाया जा रहा है। मरीजों को निजी प्रयोगशाला में जाने के लिए कहा जा रहा है। 11:30 बजे मुस्ताक अपने बीमार बेटे के इलाज की पर्ची लेकर प्रयोगशाला पहुंचते हैं। बताते हैं कि उसके बेटे को तेज बुखार है।
विज्ञापन

चिकित्सक ने उन्हें पर्ची पर लिखे टेस्ट करवाने के लिए कहा है। यहां मौजूद कर्मचारियों ने जब टेस्ट नहीं होने की बात कही तो वह पर्ची लेकर एसआरएल लैब चले गए। यहां पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। मजबूरी में निजी प्रयोगशाला में टेस्ट करवाया। 12:00 बजे एक बुजुर्ग महिला संतकौर लाठी के सहारे प्रयोगशाला पहुंचती हैं। काफी देर खड़ा होने के बाद जब वह पर्ची लेकर अंदर जाती हैं तो वहां बैठे कर्मचारी बताते हैं कि अब प्रयोगशाला बंद हो चुकी है। दोपहर 1:00 बजे सर्जिकल मरहम पट्टी कक्ष में मरीज अपने जख्मों पर लगे टांके खुलवाने के लिए खड़े हैं। होली निवासी घनश्याम को उनका रिश्तेदार व्हीलचेयर पर लेकर टांग पर लगे टांके खुलवाने के लिए पहुंचता है। वहां मौजूद कर्मचारी उन्हें टांके खोलने से पहले हाथ में कागज का टुकड़ा यह कहकर थमा देते हैं कि उनके पास टांके खोलने वाली कैंची नहीं है। आप निजी केमिस्ट की दुकान से खरीद कर उसे ले आओ। तीमारदार निजी दुकान से 450 रुपये की कैंची खरीदकर लाते हैं तब जाकर कहीं मरीज के टांके खुल पाते हैं।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में टेस्ट के दौरान इस्तेमाल होने वाला केमिकल खत्म हो चुका है। इसकी वजह से 100 से 200 रूटीन के टेस्ट प्रभावित हो रहे हैं। मरीजों को एलएफटी, आरएफटी, लिपिड प्रोफाइल और थायराइड टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रयोगशाला में टेस्ट में इस्तेमाल किए जाने वाला केमिकल खत्म हो गया है। उसे मंगवा लिया है। शुक्रवार सुबह मरीजों के टेस्ट शुरू हो जाएंगे। सर्जिकल कक्ष में मरीज से कैंची मंगवाने के मामले का उन्हें पता चला है, इसको लेकर संबंधित कर्मचारी से जवाबदेही की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed