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Chamba News: पठानकोट-जालंधर की मंडियों में छायी चंबा की शिमला मिर्च
Wed, 13 Sep 2023 10:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 13 Sep 2023 10:58 PM IST
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साहो (चंबा)। लाल और पीली शिमला मिर्च उगाकर कीड़ी पंचायत के बंजल और चचोह के किसान खूब कमाई कर रहे हैं। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अपने पॉलीहाउस में लाल और पीली शिमला मिर्च उगा रहे हैं।
समुद्रतल से 600 से 700 फीट की ऊंचाई पर तैयार होने वाली इस शिमला मिर्च की पठानकोट और जालंधर की मंडियों में भारी मांग है। बाहरी मंडियों में शिमला मिर्च 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है। शिमला मिर्च के रोजाना से दो-तीन पिकअप वाहन चंबा से बाहरी मंडियों में भेजे जा रहे हैं।
लाल और पीली शिमला मिर्च महंगी होने के कारण स्थानीय सब्जी मंडी में इसकी खपत कम रही है। इसके उलट बाहरी मंडियों समेत होटलों में सब्जी बनाने समेत सलाद के रूप में प्रयोग होने वाली लाल-पीली शिमला मिर्च की खूब मांग रहती है। इस कारण पठानकोट, जालंधर में किसानों को शिमला मिर्च के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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प्रगतिशील किसान कविंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने पांच पॉलीहाउस में लाल और पीली शिमला मिर्च लगाई है। बाहरी मंडियों में इसकी काफी मांग है। वहां अच्छे दाम भी मिल रहे हैं। किसानों में नरेश कुमार, दलीप कुमार, योगराज, प्रताप चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार ने बताया कि कीड़ी पंचायत के बंजल और चचोह गांवों में शिमला मिर्च से किसानों को अच्छा-खासा लाभ-हो रहा है। सालाना इस खेती से 10 से 12 लाख औसतन आमदनी होती है। उन्हें शिमला से हर वर्ष शिमला मिर्च का बीज या पौध लेकर आनी पड़ती है। विभाग को चंबा भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कृषि उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि शिमला मिर्च उगाकर किसान अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं। किसानों को अपनी आर्थिकी सुधारने के लिए विभाग की ओर से भी भरपूर सहयोग किया जाता है।
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समुद्रतल से 600 से 700 फीट की ऊंचाई पर तैयार होने वाली इस शिमला मिर्च की पठानकोट और जालंधर की मंडियों में भारी मांग है। बाहरी मंडियों में शिमला मिर्च 150 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है। शिमला मिर्च के रोजाना से दो-तीन पिकअप वाहन चंबा से बाहरी मंडियों में भेजे जा रहे हैं।
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लाल और पीली शिमला मिर्च महंगी होने के कारण स्थानीय सब्जी मंडी में इसकी खपत कम रही है। इसके उलट बाहरी मंडियों समेत होटलों में सब्जी बनाने समेत सलाद के रूप में प्रयोग होने वाली लाल-पीली शिमला मिर्च की खूब मांग रहती है। इस कारण पठानकोट, जालंधर में किसानों को शिमला मिर्च के अच्छे दाम मिल रहे हैं।
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प्रगतिशील किसान कविंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने पांच पॉलीहाउस में लाल और पीली शिमला मिर्च लगाई है। बाहरी मंडियों में इसकी काफी मांग है। वहां अच्छे दाम भी मिल रहे हैं। किसानों में नरेश कुमार, दलीप कुमार, योगराज, प्रताप चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार ने बताया कि कीड़ी पंचायत के बंजल और चचोह गांवों में शिमला मिर्च से किसानों को अच्छा-खासा लाभ-हो रहा है। सालाना इस खेती से 10 से 12 लाख औसतन आमदनी होती है। उन्हें शिमला से हर वर्ष शिमला मिर्च का बीज या पौध लेकर आनी पड़ती है। विभाग को चंबा भी इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
कृषि उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने बताया कि शिमला मिर्च उगाकर किसान अच्छी आमदनी हासिल कर रहे हैं। किसानों को अपनी आर्थिकी सुधारने के लिए विभाग की ओर से भी भरपूर सहयोग किया जाता है।