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चंबा-जोत मार्ग पर भटालवां के समीप दरका पहाड़, वाहनों की आवाजाही ठप्प
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मंगला (चंबा)। चंबा-जोत मार्ग पर भटालवां के समीप एक बार फिर पहाड़ दरक गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई। शनिवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे भूस्खलन होने के कारण मार्ग पर वाहनों की कतारें लग गई। रविवार को सुबह के समय लोक निर्माण विभाग मंडल चंबा ने मार्ग बहाल करने के प्रयास किए।
यहां टनों के हिसाब से गिरे मलबे को हटाने के लिए तीन मशीनें लगाई गई। दोपहर बारह बजे मार्ग बहाल करने में लोक निर्माण विभाग को सफलता मिली। इसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक सरकारी बस भी यहां कीचड़ में फंस गई। इस कारण डेढ़ घंटा यातायात प्रभावित हुआ। दस बजे लोक निर्माण विभाग ने कीचड़ में फंसी बस को निकाला।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, उमेश कुमार, धर्म चंद, संजय कुमार, सुनील कुमार, वीरेंद्र कुुमार, लक्ष्मण दास, प्रकाश चंद, वीनू राम, दर्शन कुमार, अजय कुमार, राजीव कुमार, राहुल और विक्की ने बताया कि मार्ग पर पहाड़ी से भूस्खलन होने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। पिछले साल भी यहां रात के समय पहाड़ दरका गया था।
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इस कारण मलबे के नीचे ऑपरेटर सहित पोकलेन मशीन दब गई थी। इस हादसे में पोकलेन मशीन ऑपरेटर की जान चली गई थी। तबसे यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से यहां भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग उठाई है।
लोक निर्माण विभाग मंडल चंबा के सहायक अभियंता मीत शर्मा का कहना है कि शनिवार देर रात को पहाड़ दरक गया था। सुबह के वक्त तीन मशीनें लगाकर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है।
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यहां टनों के हिसाब से गिरे मलबे को हटाने के लिए तीन मशीनें लगाई गई। दोपहर बारह बजे मार्ग बहाल करने में लोक निर्माण विभाग को सफलता मिली। इसके चलते लोगों ने राहत की सांस ली। सोमवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक सरकारी बस भी यहां कीचड़ में फंस गई। इस कारण डेढ़ घंटा यातायात प्रभावित हुआ। दस बजे लोक निर्माण विभाग ने कीचड़ में फंसी बस को निकाला।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह, उमेश कुमार, धर्म चंद, संजय कुमार, सुनील कुमार, वीरेंद्र कुुमार, लक्ष्मण दास, प्रकाश चंद, वीनू राम, दर्शन कुमार, अजय कुमार, राजीव कुमार, राहुल और विक्की ने बताया कि मार्ग पर पहाड़ी से भूस्खलन होने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। पिछले साल भी यहां रात के समय पहाड़ दरका गया था।
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इस कारण मलबे के नीचे ऑपरेटर सहित पोकलेन मशीन दब गई थी। इस हादसे में पोकलेन मशीन ऑपरेटर की जान चली गई थी। तबसे यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से यहां भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग उठाई है।
लोक निर्माण विभाग मंडल चंबा के सहायक अभियंता मीत शर्मा का कहना है कि शनिवार देर रात को पहाड़ दरक गया था। सुबह के वक्त तीन मशीनें लगाकर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है।