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Chamba News: पेनल्टी की राशि जमा नहीं करवाने पर चंबा-डलहौजी नप के ईओ पर होगा केस
Mon, 08 Apr 2024 09:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 08 Apr 2024 09:58 PM IST
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चंबा। नदी-नालों में कूड़ा-कर्कट फेंकने के मामले में प्रदूषण बोर्ड नगर परिषद चंबा और डलहौजी के खिलाफ सख्त हो गया है।
बोर्ड ने अब कार्यकारी अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर ली है। दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नदी-नालों में कूड़ा-कर्कट फेंकने के मामले में दोनों नगर परिषद को 8-8 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई थी। नप चंबा और डलहौजी ने यह राशि अभी तक जमा नहीं करवाई है। अब बोर्ड निदेशालय शिमला से पत्राचार कर दोनों नगर परिषदों को नोटिस जारी करने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर बोर्ड दोबारा नोटिस जारी करेगा। इसके बाद भी पेनल्टी की राशि जमा न होने पर बोर्ड प्रबंधन प्रधान सचिव से अनुमति लेकर दोनों नगर परिषदों के ईओ के खिलाफ मामले दर्ज करवा सकता है।
गौर रहे कि चंबा शहर के 11 वार्डों समेत पर्यटन नगरी डलहौजी से टनों के हिसाब से निकलने वाले कूड़ा-कर्कट के निष्पादन सही तरीके से नहीं हो रहा है। कूड़े-कर्कट के निष्पादन करने के बजाय नदी-नालों में ही ठिकाने लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार नदी-नालों में कूड़ा-कर्कट ठिकाने लगाते समय कई बार विभिन्न विभागीय अधिकारियों समेत उपायुक्त ने भी गाड़ियों और कर्मियों को पकड़ा है। इसके तहत बाकायदा सफाई ठेकेदार को पेनल्टी भी लगी। प्रदूषण बोर्ड प्रबंधन के अधिकारियों ने समय-समय पर नदी-नालों का निरीक्षण करने के साथ नप चंबा को कई बार मौखिक और लिखित तौर पर सूचित भी किया।
कुछ माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद चंबा और डलहौजी को कूड़े का सही निष्पादन न होने पर नोटिस जारी कर 8-8 लाख की पेनल्टी भी लगाई, लेकिन नगर परिषदों ने यह राशि जमा नहीं करवाई। ऐसे में अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निदेशालय से पत्राचार कर रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल चौहान ने कहा कि नप चंबा और डलहौजी ने पेनल्टी की राशि जमा नहीं करवाई है। अब निदेशालय से नोटिस जारी करने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद नोटिस जारी होगा। यदि नोटिस मिलने के बाद भी पेनल्टी की राशी जमा नहीं करवाई गई तो प्रधान सचिव से अनुमति लेकर नप के ईओ पर केस दर्ज करवाया जा सकता है।
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बोर्ड ने अब कार्यकारी अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर ली है। दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नदी-नालों में कूड़ा-कर्कट फेंकने के मामले में दोनों नगर परिषद को 8-8 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई थी। नप चंबा और डलहौजी ने यह राशि अभी तक जमा नहीं करवाई है। अब बोर्ड निदेशालय शिमला से पत्राचार कर दोनों नगर परिषदों को नोटिस जारी करने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने पर बोर्ड दोबारा नोटिस जारी करेगा। इसके बाद भी पेनल्टी की राशि जमा न होने पर बोर्ड प्रबंधन प्रधान सचिव से अनुमति लेकर दोनों नगर परिषदों के ईओ के खिलाफ मामले दर्ज करवा सकता है।
गौर रहे कि चंबा शहर के 11 वार्डों समेत पर्यटन नगरी डलहौजी से टनों के हिसाब से निकलने वाले कूड़ा-कर्कट के निष्पादन सही तरीके से नहीं हो रहा है। कूड़े-कर्कट के निष्पादन करने के बजाय नदी-नालों में ही ठिकाने लगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार नदी-नालों में कूड़ा-कर्कट ठिकाने लगाते समय कई बार विभिन्न विभागीय अधिकारियों समेत उपायुक्त ने भी गाड़ियों और कर्मियों को पकड़ा है। इसके तहत बाकायदा सफाई ठेकेदार को पेनल्टी भी लगी। प्रदूषण बोर्ड प्रबंधन के अधिकारियों ने समय-समय पर नदी-नालों का निरीक्षण करने के साथ नप चंबा को कई बार मौखिक और लिखित तौर पर सूचित भी किया।
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कुछ माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर परिषद चंबा और डलहौजी को कूड़े का सही निष्पादन न होने पर नोटिस जारी कर 8-8 लाख की पेनल्टी भी लगाई, लेकिन नगर परिषदों ने यह राशि जमा नहीं करवाई। ऐसे में अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड निदेशालय से पत्राचार कर रहा है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता राहुल चौहान ने कहा कि नप चंबा और डलहौजी ने पेनल्टी की राशि जमा नहीं करवाई है। अब निदेशालय से नोटिस जारी करने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद नोटिस जारी होगा। यदि नोटिस मिलने के बाद भी पेनल्टी की राशी जमा नहीं करवाई गई तो प्रधान सचिव से अनुमति लेकर नप के ईओ पर केस दर्ज करवाया जा सकता है।